हरदोई : मौसम से किसान खुश भी हैं और बहुतों को चिता सता रही है। बुधवार रात से रुक-रुककर गुरुवार तक जारी रही बारिश गेहूं, जौ एवं गन्ना के लिए लाभकारी है। जबकि फूलवाली फसलों के लिए हानिकारक साबित हो रही है। बरसात से सरसों एवं अगेती मटर के फूल गिर जाते हैं, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। जबकि गेहूं के साथ बोई गई तोरिया एवं मसूर की फसल को अभी छोटी होने के कारण बारिश के पानी से नुकसान नहीं पहुंचेगा।

सर्दियों में हो रही बारिश ने किसानों को लाभ और हानि दोनों पहुंचाई हैं। कृषि प्रधान जिला होने के कारण रबी फसलों में 3.13 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं बोया गया है। 1381 हेक्टेयर क्षेत्रफल में जौ, 1724 हेक्टेयर में मटर, 8223 हेक्टेयर में मसूर, 10347 हेक्टेयर में तोरिया, 13156 हेक्टेयर में राई-सरसों की बोवाई गई है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार साहू का कहना है कि बरसात रुक-रुककर धीमी गति से हो रही है, जो गेहूं और जौ की फसल के लिए फायदेमंद है। बारिश का पानी गेहूं और जौ की कोपल में सीधे पहुंचता, जिससे फसल ग्रोथ अच्छी लेती है।

बताया कि वहीं फूल रही सरसों, तोरिया एवं मटर के लिए नुकसानदायक है। बरसात के पानी से फूल गिर जाते हैं। जिससे फलियां कम आती हैं और इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। निजी संसाधनों से फसलों की सिचाई करने वाले किसानों को बारिश से आर्थिक खर्च में बचत हो गई। वहीं गन्ना की शरदकालीन गन्ना की फसल के लिए बारिश अच्छी साबित होगी।

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