हरदोई : आश्रय स्थलों पर पशु रखे जा रहे हैं लेकिन उसके बाद भी खेतों में घूमते हैं। खेतों में घूम रहे पशुओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता करीब 60-70 बेसहारा पशुओं के साथ नारेबाजी करते हुए नयागांव मुबारकपुर स्थिति चरागाह एवं पशु आश्रय स्थल पहुंच गए। पदाधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से चाबी छीन ली और जबरिया पशुओं को आश्रय स्थल में बंद कर दिया। बेसहारा पशुओं को लेकर भाकियू पदाधिकारी लखनऊ रोड पर नारेबाजी करते हुए नयागांव मुबारकपुर पहुंच गए। आश्रय स्थल पर तैनात कर्मचारियों ने क्षमता से अधिक पशुओं को बंद किए जाने से होने वाली समस्या की बात कही तो भाकियू पदाधिकारी भड़क गए। पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से गेट के ताले की चाबी छीन ली और पशुओं को जबरिया आश्रय स्थल में बंद कर दिया। चरागाह एवं पशुआश्रय स्थल पर पहुंचे अहिरोरी के सहायक विकास अधिकारी पंचायत विनोद कुमार ने भाकियू पदाधिकारियों को समझाकर शांत कराया। पदाधिकारी मांग कर रहे थे कि बेसहारा पशुओं का पकड़कर आश्रय स्थल में बंद कराया जाए और किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जाए। एडीओ ने समझाया कि नयागांव मुबारकपुर आश्रय स्थल करीब 400 पशु पहले से ही बंद हैं और पशुओं को नहीं बंद किया जा सकता है। अन्य ग्राम पंचायतों में भी अस्थाई पशु आश्रय स्थलों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है, उसी के बाद उनमें बंद कराया जाएगा। पशुओं को आश्रय स्थल के अंदर करने के बाद ही भाकियू पदाधिकारी शांत हुए।

Posted By: Jagran

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