हरदोई : वर्ष 2017 के विधानसभा व 2019 के लोकसभा चुनाव में जिले में एक भी मतदेय स्थल का मतदान प्रतिशत 90 नहीं पहुंचा। विधानसभा के चुनाव में प्रशासन ने अधिक से अधिक मतदान पर जोर दिया है, लेकिन 80 से अधिक मतदान प्रतिशत वाले मतदान स्थलों पर विशेष निगरानी की रणनीति बनाई है।

चौथे चरण में 23 फरवरी को जिले में मतदान होगा। आठ विधानसभा क्षेत्रों में 2,113 मतदान केंद्रों पर 3,499 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में सात मतदान केंद्र और 68 मतदेय स्थलों की बढ़ोतरी हुई है। अधिक मतदान प्रतिशत वाले मतदेय स्थलों की व्यवस्था, मतदाताओं के आने के साथ ही मतदान प्रतिशत के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। प्रशासन ने रणनीति बनाई है कि इन मतदेय स्थलों की निगरानी के लिए विशेष सुरक्षा बंदोबस्त किए जाएंगे, ताकि मतदान प्रतिशत और बढ़ाया जा सके।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में विधानसभावार क्षेत्र वाले हुए मतदान पर गौर करें तो विधानसभा क्षेत्र सवायजपुर में 89, शाहाबाद में 83, हरदोई में 88, गोपामऊ में 87, सांडी में 80 प्रतिशत मतदान एक-एक मतदेय स्थल, बिलग्राम-मल्लावां में तीन मतदेय स्थल पर 83 प्रतिशत, बालामऊ में दो मतदेय स्थल पर 75 प्रतिशत और संडीला में एक मतदेय स्थल पर 87 प्रतिशत मतदान हुआ था। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा के चुनाव में सवाजयपुर में 82, गोपामऊ में 81, संडीला में 80, हरदोई में 82, सांडी में 78 और बालामऊ में 76 प्रतिशत मतदान एक-एक मतदेय स्थल पर मतदान हुआ। शाहाबाद में 82 प्रतिशत मतदान दो मतदेय स्थल, बिलग्राम-मल्लावां में 79 प्रतिशत मतदान दो मतदेय स्थलों पर हुआ था। आदर्श आचार संहिता के नोडल अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट डा. सदानंद गुप्ता ने बताया कि स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएंगे, जो नियत अंतराल पर मतदान प्रतिशत की जानकारी कंट्रोल रूम को देंगे।

Edited By: Jagran