हरदोई: बेटियां, बेटों से किसी भी मामले में पीछे नहीं हैं। बेटियों की शिक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है लेकिन परिवार की गरीबी बेड़ियां बन रही है। मंगलवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया। बेटे तो पढ़ गए, गरीब टेलर की बेटी भी पढ़ना चाह रही थी, लेकिन पिता गरीबी के चलते पढ़ा नहीं पा रहा था। कुछ बनकर दिखाने का सपना संजोए बेटी रोती हुई खुद महाविद्यालय पहुंच गई। विद्यालय प्रबंधन ने उसकी पढ़ाई का पूरा इंतजाम कराया है। जैबुन्निशा को तो प्रवेश मिल गया लेकिन न जाने ऐसी अभी कितनी होंगी।

सुरसा क्षेत्र निवासी मोहम्मद मंसूर अली सिलाई करता है। परिवार में उसकी दो बेटी और दो बेटे हैं। मंसूर अली ने मेहनत कर बच्चों को पढ़ाया लिखाया। बेटे बीएससी कर चुके हैं, बड़ी पुत्री जैबुन्निशा ने इंटर की पढ़ाई पूरी कर ली थी, छोटी बहन हाई स्कूल में है। जैबुन्निशा आगे भी पढ़ना चाह रही थी लेकिन मंसूर अली के पास इतना नहीं था कि वह आगे पढ़ा पाता। मंगलवार को जैबुन्निशा खुद रोती हुई डा. हरीशंकर मिश्र महाविद्यालय पहुंच गई। विद्यालय संरक्षक धनंजय मिश्र कक्ष में थे और रोते हुए उसने पूरी बात बताई। मंसूर अली भी बेटी के साथ आया था। उसे भी कालेज में बुलाया गया। धनंजय मिश्र ने बताया कि मंसूर अली की माली हालत देखते हुए जैबुन्निशा का कालेज में प्रवेश कराया जा रहा है। बल्कि उसकी ड्रेस, किताब का भी इंतजाम किया जाएगा। इंतजाम हो जाने पर हंसती हुई जैबुन्निशा बाहर निकली।

Posted By: Jagran