हरदोई : सरकारी सिस्टम और केंद्र प्रभारियों की मनमानी में फंसे किसानों के हाथ खाली हैं। किसानों को उपज का समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहता है, लेकिन विभाग के आंकड़े गुलजार हो रहे हैं। सूने खरीद केंद्रों पर धान खरीद का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। विभागीय आंकड़ों में लक्ष्य के सापेक्ष 80 फीसद खरीद होने का दावा किया जा रहा है।

एक अक्टूबर से सरकारी धान खरीद की शुरुआत हुई। जिला प्रशासन ने एक लाख सात हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य को पूरा करने को लेकर 62 क्रय केंद्र खोले। केंद्रों पर प्रभारियों की मनमानी की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने लेखपाल और कृषि विभाग के कर्मचारियों को तैनात किया। इसके बावजूद किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया। किसानों ने केंद्र से दूरी बना ली। जो किसान केंद्रों पर पहुंचे, उन्हें धान बेचने में मशक्कत करनी पड़ी। वहीं तमाम कोशिशों के बाद धान बेचने वाले किसानों को भुगतान के लिए प्रभारियों और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विभागीय आंकड़ों में लक्ष्य के सापेक्ष 85,746 एमटी धान खरीद होने का दावा किया जा रहा है। वहीं किसान आढ़तियों को औने-पौने दामों पर धान बेचने को मजबूर हो रहे हैं। यह है स्थिति

धान का लक्ष्य : 1,07,000 एमटी (मीट्रिक टन)

खरीदा गया धान : 85,746 एमटी

कुल किसान : 10,340

अधिकारी बोले ..

जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनुराग पांडेय ने बताया कि सरकारी धान खरीद केंद्रों पर किसानों का धान तौला जा रहा है। जहां केंद्र प्रभारियों की मनमानी की शिकायतें आती है, उनका तुरंत निराकरण कराया जाता है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस