हरदोई : मनरेगा में मजदूरों को न मजदूरी का इंतजार करना होगा और न ही उनके साथ कोई खेल कर पाएगा। काम करने के बाद उनके खाते में मजदूरी पहुंच जाएगी। मनरेगा में अब मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज होगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए मोबाइल मॉनीटरिग सिस्टम सॉफ्टवेयर तैयार किया है। जून से हरदोई समेत सूबे के सभी जिलों में यह लागू हो जाएगा। जिले में रोजगार सेवकों को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

वैसे तो मनरेगा में पूरे साल जरूरतमंदों को काम दिया जाता है, लेकिन अब शहरों से गांव में प्रवासी श्रमिक ज्यादा आ गए हैं और उन्हें रोजगार की जरूरत भी है। ऐसे में जॉब कार्ड बनाने से लेकर उन्हें काम देने पर जोर है। एक दिन की मजदूरी 201 रुपये है। जिले में इस समय पिछले साल की अपेक्षा चार गुना मजदूर काम कर रहे हैं। बुधवार को एक लाख तीन हजार मजदूरों ने काम किया। सरकार ने मजदूरों की मॉनीटरिग की व्यवस्था बदल कर ऑनलाइन कर दी। जिसमें उनकी ऑनलाइन हाजिरी भी लगेगी। जिसके लिए जिले के 905 रोजगार सेवकों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। रोजगार सेवक को मोबाइल मॉनीटरिग सिस्टम डाउनलोड करना पड़ेगा। इसका कंट्रोल रूम लखनऊ में होगा। रोजगार सेवक इसे मोबाइल से ऑपरेट करेंगे। फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक: मनरेगा में पहले तो खूब फर्जीवाड़ा होता था, लेकिन अब कुछ हद तक रोक लगी पर नई व्यवस्था से तो पूरी तरह से खत्म होने की बात कही जा रही है। अब तक रजिस्टर से हाजिरी लगती है। इसके बाद ब्लॉक कार्यालय पर तीन चार दिन में फीड किया जाता है। इसके बाद भुगतान होता है। फर्जीवाड़ा भी बड़े स्तर पर होता है। ग्राम स्तर पर मस्टररोल में हेराफेरी होती है। ऑनलाइन हाजिरी में भ्रष्टाचार की आशंका कम रह जाएगी। इस सॉफ्टवेयर में हाफ डे की सुविधा होगी। मोबाइल से ऑनलाइन मॉनीटरिग का रोजगार सेवकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साफ्टवेयर अपडेट किया गया है। जिसमें मजदूरों की सुबह ही मोबाइल पर हाजिरी लगेगी। एक सप्ताह तक हाजिरी के बाद ब्लाकों पर इसकी फीडिग होगी और तुरंत ही मजदूरों की खातों में मजदूरी पहुंच जाएगी। इससे मजदूरों को मजदूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यही क्रम लगातार चलता रहेगा।

----प्रमोद कुमार सिंह, डीसी मनरेगा

Posted By: Jagran

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