हरदोई : एक तो बीमार, दूसरा गर्मी बेहिसाब.. सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों के मुंह से ऐसे ही आह निकल रही है। 42 पार तापमान में जहां अधिकारियों के लिए फुल कूलिग एसी चालू हैं वहीं मरीज लाचार-परेशान हैं। गर्मी से छटपटाते मरीजों की सुध लेने वाला कोई नहीं हैं। लगभग मई बीत चुका है, लेकिन वार्ड में कूलर तो दूर अधिकतर पंखे भी खराब हैं। मरीजों के तीमारदारों को घर से अपने पंखे लेकर आने पड़ते हैं। जिला अस्पताल में मरीजों की हालत दयनीय हो चुकी है। बढ़े तापमान के बीच अस्पताल के सभी वार्डों में मरीज गर्मी से परेशान हो चुके हैं। वार्डो में लगे कई पंखे खराब हैं वहीं जो पंखे ठीक हैं वह भी गर्म हवा फेंक रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से गर्मी से राहत दिलाने के लिए वार्डो में कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। मरीजों को भीषण गर्मी के बीच हीटस्ट्रोक का खतरा मंडरा रहा है। जिला अस्पताल का हाल : कोरोना के कारण ओपीडी बंद हैं। वहीं इमरजेंसी कक्ष में ही सभी मरीज चिकित्सक से इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी कक्ष और चिकित्सक के कक्ष में लगा एसी खराब है। पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं। मरीजों का इलाज करने के लिए चिकित्सक ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं इमरजेंसी वार्ड में कूलर तो रखे हैं, लेकिन सभी शोपीस बने हुए हैं। अस्पताल के सभी वार्डों का यही हाल है। यह पर कूलर तो रखे हैं, लेकिन एक भी कूलर नहीं चल रहा है। हर साल अस्पताल में नए कूलर लगाए जाते हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई जाती है और वह खराब हो जाते हैं। बोले जिम्मेदार : अस्पताल के सभी वार्डों में कूलर रखे हैं। कुछ खराब हो गए है, जिन्हें जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा। जिससे मरीजों को किसी प्रकार की समस्या न हो।

डॉ. एके शाक्य, सीएमएस

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस