हरदोई : शहर क्षेत्र में आतिशबाजी बेचने वाले दुकानदारों के साथ कोतवाली परिसर में सिटी मजिस्ट्रेट सदानंदर गुप्ता, सीओ सिटी विकास जायसवाल ने बैठक की। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि ग्रीन आतिशबाजी बेचने की ही अनुमति मिलेगी। तेज आवाज और चोरी छुपे आतिशबाजी बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि आइटीआइ परिसर में आतिशबाजी की दुकानें लगाई जाएंगी। अस्थाई लाइसेंस देने के लिए अभी तक शासन से अनुमति प्राप्त नहीं हुई है। एक-दो दिन के अंदर अनुमति प्राप्त हो जाएगी, जिसके बाद अस्थाई आतिशबाजी के लाइसेंस बनने शुरू हो जाएंगी। किसी की भी दुकान बड़ी या छोटी नहीं होगी। सभी एक निर्धारित जगह दी जाएगी। दुकान लगाने से पहले अग्निशमन यंत्र, पानी और बालू की व्यवस्था की जाए और उसके बाद ही दुकान लगाई जाए। दुकान के सामने दुकान नहीं लगेगी। ग्रीन आतिशबाजी ही बेची जाएगी, अगर स्वयं की निर्मित आतिशबाजी बेचते हुए कोई दुकानदार पकड़ा जाता है तो उसका लाइसेंस तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। सीओ सिटी ने कहा कि दुकान पर भीड़ एकत्र नहीं होनी चाहिए। आइटीआइ परिसर में पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस टीम मौजूद रहेगी। इस दौरान ईओ रविशंकर शुक्ला, शहर कोतवाल दीपक शुक्ला व दुकानदार मौजूद रहे।

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एक ने छोड़ा भवन, कुंती नर्सिंग होम से भी खाली कराई जाएगी भूमि

हरदोई : शहर के कैनाल रोड पर डीसीएफ (जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड) की भूमि व भवन पर काबिज कुंती नर्सिंग होम के प्रबंधक सहित तीन में से एक ने कब्जा छोड़ दिया है। विभाग ने कुंती नर्सिंग होम के संचालक सहित एक अन्य से जल्द ही भूमि व भवन खाली कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। डीसीएफ के सचिव ने सहकारिता के सहायक आयुक्त को इसकी रिपोर्ट भी दी है।

कैनाल रोड पर बेसकीमती भूमि व भवन को किराए पर लेने के बाद न कुंती नर्सिंग होम के प्रबंधक व अन्य ने न तो किराया दिया और न ही नोटिस के बाद खाली किया। डीसीएम सचिव आरएस वर्मा ने बताया कि तीनों के विरुद्ध शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। विभागीय कार्रवाई के बाद राजेश पुत्र ख्यालीराम ने एक कमरा व भूमि को खाली कर दिया है और उसकी चाबी कार्यालय में प्राप्त करा दी है।

बताया कि अब कुंती नर्सिंग होम के प्रबंधक व राकेश कुमार से भूमि व भवन कब्जामुक्त कराए जाने के लिए प्रक्रिया तेज की गई है। दोनों काबिज की उच्च न्यायालय ने रिट निरस्त कर दी थी, लेकिन अभी काबिज हैं। जल्द ही भूमि व भवन को कब्जामुक्त करा लिया जाएगा।

Edited By: Jagran