हरदोई : कटियारी के अरवल और बिलग्राम के कटरी क्षेत्र में बाढ़ से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बुधवार को गंगा, रामगंगा और गर्रा के जलस्तर में कमी आई, लेकिन बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के ²ष्टिगत फिर से जलस्तर बढ़ने की आशंका है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खानपान से लेकर पेयजल तक की दिक्कत खड़़ी हो गई है। बाढ़ प्रभावित कटियारी क्षेत्र के करीब 55 गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है, जिससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है।

बाढ़ प्रभावित कटियारी क्षेत्र के करीब डेढ़ सौ गांवों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई है, लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। जिले में प्रवाहित नदियों में रामगंगा के जलस्तर में मंगलवार की अपेक्षा 25 सेमी कमी आई, लेकिन जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर 137.50 मीटर पर प्रवाहित हो रहा है। गंगा के जलस्तर में 15 सेमी की कमी आइ और जलस्तर चेतावनी बिदु से 20 सेमी ऊपर 136.90 मीटर पर है। गर्रा के जलस्तर में 95 सेमी की कमी आइ और जलस्तर 146.70 मीटर पर आ गया है। बैराजों से गंगा में 122586 और रामगंगा में 10063 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

बिलग्राम क्षेत्र के दनईपुरवा के राजू, गुड्डू, दिनेश, चौधीपुरवा के लालाराम, सुंदर, मोहनपुरवा के बालकराम, महेश आदि ने खेतों में जलभराव होने से चारा संकट की बात कही। ग्रामीणों ने बताया कि हैंडपंप बाढ़ के पानी के डूब जाने से शुद्ध पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है।

हरपालपुर क्षेत्र के कटियारी के करीब करीब 38 विद्यालयों में जलभराव हुआ और शिक्षण कार्य ठप है। जलभराव से चांदा महमदपुर टापू बना हुआ है। क्षेत्र के बड़ागांव, पत्थरपुरवा, श्यामपुर, बारी, बेहटारम्पुरा, प्रतिपालपुर, भवानीपुर, मस्तापुर सहित कई गांवों में अभी तक कोई मदद नहीं पहुंची है। पशुपालकों को निश्शुल्क भूसा दिया जा रहा : जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि पशु पालन विभाग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के पशुपालकों को चारा की समस्या के ²ष्टिगत निश्शुल्क भूसा उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लगाई गई हैं। सीवीओ डा. जेएन पांडेय की रिपोर्ट के अनुसार 200 क्विटल भूसा वितरित कराया दिया गया है और भूसा की आपूर्ति निरंतर कराई जा रही है। 1200 पशुओं का उपचार किया गया है। पशु चिकित्साधिकारियों के नेतृत्व में बाढ़ क्षेत्र में त्वरित चिकित्सा सेवा के लिए 70 कर्मियों की टीम गठित की गई है। गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।

पानी से घिरे गांवों में बीमारियों का खतरा

चांदा महमदपुर समेत पानी से घिरे गांवों में बीमारियों का भी खतरा बन गया है। यहां के अजय तिवारी, सुधा दीक्षित, रमेश व सुखसागर समेत कुछ अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वह लोग बुखार से परेशान हैं। अभी गांव में स्वास्थ्य टीम नहीं आई है।

विधायक ने गांव पहुंचकर ली जानकारी

सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों मं जाकर लोगों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि शासन और प्रशासन स्तर से मदद दी जा रही है। जो लोग भी गांव में फंसे हैं, उनके खाना का भी इंतजाम कराया गया है और भी जो मदद होगी वह की जाएगी।

कंट्रोल रूम स्थापित : एडीएम वंदना त्रिवेदी ने बताया कि नदियों के जलस्तर में हो रही वृद्धि के ²ष्टिगत त्वरित सहायता के उद्देश्य से 24 घंटे संचालित रहने वाले कंट्रोल रूम की स्थापना कराई गई है। कंट्रोल रूम का नंबर 05852-234385 है। कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

Edited By: Jagran