हरपालपुर : कोतवाली क्षेत्र के भूपतिपुर नगला गांव में किसान की पूर्व धारदार हथियार से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी धारदार हथियार से हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी, लेकिन पुलिस हत्याकांड को सांड़ के हमले से मौत होने का राग अलाप रही है। हत्या के छह दिन बाद भी पुलिस ने हत्या की एफआइआर दर्ज नहीं की है। वहीं किसान के परिवार के सदस्य भयभीत होकर गांव से पलायन कर गए हैं।

भूपतिपुर नगला गांव निवासी अमर सिंह का शव गुरुवार की सुबह गांव के बाहर खेतों में बनी झोपड़ी के निकट सरसों के खेत में खून से लथपथ पड़ा मिला था। पुलिस प्रथम²ष्ट्या सांड़ के हमले से किसान की मौत होने की बात कह रही थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से हमला किए जाने की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद भी पुलिस हत्या जैसे मामले की रिपोर्ट तक दर्ज कराना मुनासिब नहीं समझ रही है। मृतक के तीन पुत्र व तीन पुत्रियां हैं। बताया जाता है हत्याकांड के बाद मृतक की पत्नी व बच्चे पांचालघाट फर्रुखाबाद में बने घर पर चले गए हैं। अमर सिंह हत्याकांड को लेकर तमाम सवाल पनपने लगे हैं आखिर क्या वजह है कि पुलिस हत्या जैसे मामले की एफआइआर नहीं दर्ज कर रही है या फिर मृतक के परिवारजन ही रिपोर्ट दर्ज कराना नहीं चाह रहे हैं। कहीं ऐसा तो नहीं हत्यारोपितों की दहशत के कारण मृतक के परिवारजन अपना मुंह नहीं खोल पा रहे हैं। फिलहाल प्रभारी निरीक्षक भगवान चंद्र वर्मा ने बताया कि अभी मामले में एफआइआर दर्ज नहीं हो सकी है।

Posted By: Jagran

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