हरदोई : मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को विभाग ने एक सराहनीय कदम उठाया है। काम के दौरान मां की नजरों के सामने उसका नौनिहाल पालने में झूलेगा। स्वावलंबी बनाने के लिए एक नई पहल की गई है।

जिले में देखा जाए तो 74 हजार 270 महिलाएं जाब कार्ड धारक हैं लेकिन काम का फीसद बहुत ही कम है। इसके पीछे बड़े बुजुर्गो के सामने काम करने में संकोच करना, पुरुषों का महिलाओं को काम करने से रोकना, उनके मन मुताबिक काम नहीं मिलना, समय पर भुगतान नहीं मिलना जैसे प्रमुख कारण प्रकाश में आए हैं। इन सभी कारणों में सबसे बड़ा कारण छोटे बच्चों की देखभाल भी सामने आ रहा है। बच्चों की देखभाल उन्हें काम पर नहीं जाने देती है। ऐसा न हो इसके लिए बच्चों की देखभाल के लिए भी महिलाओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। सीडीओ ने बताया कि पूर्व में कार्यस्थल पर पानी पिलाने आदि में महिलाएं काम करती हैं, बच्चों की देखभाल में भी उन्हें लगाया जाएगा।

उम्र दराज महिला मजदूर बच्चों का रखेंगी ख्याल : उम्र दराज दिहाड़ी महिला मजदूरों को ज्यादा मेहनत का काम नहीं करने पड़े, इसलिए इन्हें अन्य कामगार महिलाओं के बच्चे की देखभाल करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए कार्यस्थल पर मनरेगा से पालने की व्यवस्था रहेगी।

Posted By: Jagran