चार साल से परेशान मरीज के मसूड़े की सफल सर्जरी, हरदोई मेडिकल कॉलेज में हुआ जटिल ऑपरेशन
हरदोई मेडिकल कॉलेज के दंत विभाग ने चार साल से मसूड़े में असामान्य वृद्धि से पीड़ित मरीज सुरेश कुमार की जटिल सर्जरी कर उसे राहत दी।

HighLights
हरदोई मेडिकल कॉलेज में जटिल दंत सर्जरी सफल।
चार साल से बढ़े 3.4 सेमी ऊतक को हटाया।
मरीज को खाने-चबाने की परेशानी से मिली राहत।
जागरण संवाददाता, हरदोई। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दंत चिकित्सा विभाग के डाक्टरों ने मसूड़े में असामान्य रूप से बढ़े ऊतक की जटिल सर्जरी कर मरीज को राहत दी है।
चार वर्षों से निचले मसूड़े में बढ़े मांस के कारण मुंह बंद न कर पाने और भोजन चबाने में परेशानी झेल रहे शाहाबाद क्षेत्र के सुरेश कुमार का सफल आपरेशन किया गया। करीब 3.4 सेंटीमीटर आकार के बढ़े हुए ऊतक को सुरक्षित तरीके से काटकर निकाल दिया गया।
शाहाबाद के ग्राम रामपुर दहेलिया निवासी सुरेश कुमार करीब चार वर्ष से मसूड़ों की अत्यधिक और असामान्य वृद्धि से परेशान थे। निचले जबड़े के आगे के छह दांतों के सामने मसूड़े और आसपास के ऊतक इतने बढ़ गए थे कि उनका मुंह पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा था। इससे उन्हें खाना चबाने, निगलने और सामान्य रूप से बोलने में भी दिक्कत होती थी।
उन्होंने कई दंत विशेषज्ञों से उपचार कराया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। कुछ दिन पहले सुरेश ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दंत चिकित्सा विभाग में संपर्क किया।
विभागाध्यक्ष डॉ. शिवम यादव के नेतृत्व में डॉ. गरिमा सिंह और डॉ. अंतरा तिवारी की टीम ने मरीज की विस्तृत जांच और आवश्यक परीक्षण किए।
जांच में समस्या को ‘इन्फ्लेमेटरी जिंजाइवल ओवरग्रोथ’ के रूप में चिन्हित किया गया। मंगलवार को टीम ने जटिल सर्जरी कर मसूड़े से लगभग 3.4 सेंटीमीटर बढ़े हुए ऊतक को निकाल दिया।
सर्जरी के दौरान आसपास के अतिरिक्त ऊतकों की ट्रिमिंग और ड्रेसिंग भी की गई। मरीज को आवश्यक दवाएं दी गईं। निकाले गए ऊतक को आगे की गहन हिस्टोपैथालॉजिकल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय से समस्या के कारण मरीज सामान्य जीवन और भोजन करने में परेशानी उठा रहा था। सर्जरी के बाद उसे काफी राहत मिली है। विभागाध्यक्ष ने बताया कि दंत विभाग में जटिल सर्जरी के साथ मसूड़ों के रोग, रूट कैनाल, फिलिंग और दर्दरहित दांत निकालने जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने दंत विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जटिल मामले का सफल उपचार संस्थान की बढ़ती चिकित्सकीय क्षमताओं को दर्शाता है।
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