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हरदोई में रूपापुर औद्योगिक कॉरिडोर का काम ठप, किसान वर्तमान सर्किल रेट पर मुआवजे की मांग पर अड़े

Published: Mon, 26 Oct 2026 05:15 PM (IST)

हरदोई में किसानों ने रूपापुर औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण कार्य रोक दिया है। वे अधिग्रहीत भूमि के लिए वर्तमान सर्किल ...और पढ़ें

सवायजपुर में औद्याेगिक कॉरिडोर का कार्य रुकवाए किसानों को समझाती पुलिस। जागरण

सवायजपुर में औद्याेगिक कॉरिडोर का कार्य रुकवाए किसानों को समझाती पुलिस। जागरण

HighLights

  1. हरदोई में किसानों ने औद्योगिक कॉरिडोर का काम रोका।

  2. वर्तमान सर्किल रेट पर मुआवजे की कर रहे हैं मांग।

  3. पट्टे की जमीन गंवाने वाले परिवारों को मुआवजा नहीं मिला।

जागरण संवाददाता, हरदोई। औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण कार्य को लेकर किसानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को निर्माण कार्य शुरू होते ही इनायतपुर, विरहाइमपुर, कौसिया, दिवनियापुर, सरसई और मानगढ़ कौशियां समेत आसपास के गांवों के सैकड़ों किसान मौके पर पहुंच गए। किसानों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

किसानों का कहना है कि उन्हें औद्योगिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा पुराने सर्किल रेट के आधार पर दिया गया है। उनकी मांग है कि जमीन का मुआवजा वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार बढ़ाकर दिया जाए। जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे निर्माण कार्य नहीं होने देंगे।

जमीन गई पर मुआवजा नहीं मिला

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें किसी से कोई बैर नहीं है और न ही वे किसी प्रकार का उपद्रव करना चाहते हैं। हालांकि, अपने अधिकारों की आवाज उठाने से पीछे भी नहीं हटेंगे। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन चली गई, लेकिन उन्हें उसके बदले उचित मुआवजा नहीं मिला। ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

पट्टे की जमीन गंवाने वाले परिवार भी परेशान

किसानों ने बताया कि कुछ परिवार ऐसे हैं, जिन्हें वर्षों पहले सरकार की ओर से पट्टे पर जमीन आवंटित की गई थी। भूमिहीन और गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले इन परिवारों के पास आजीविका का यही एकमात्र साधन था। वे कई वर्षों से इन जमीनों पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। अब औद्योगिक क्षेत्र के दायरे में उनकी पट्टे की जमीन भी चली गई।

परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट 

किसानों का आरोप है कि ऐसे कई परिवारों को जमीन जाने के बाद भी कोई मुआवजा नहीं मिला। इससे उनके सामने बेरोजगारी और परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सरकार ने जिन भूमिहीन परिवारों को जीवनयापन के लिए जमीन आवंटित की थी, आज वही परिवार जमीन से वंचित हो गए हैं।

ऐसे परिवारों के हितों की रक्षा के लिए भी उचित कदम उठाए जाने चाहिए। निर्माण कार्य रोके जाने और किसानों के धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पाली और समसपुर की पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने किसानों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया।

किसानों ने पुलिस को आश्वस्त किया कि वे शांति बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन मुआवजे की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तक व्यापक धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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