मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

हरदोई : डीएम पुलकित खरे ने बताया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ में योजित रिट याचिका मत्स्यजीवी सहकारी समिति जनिगांव के वाद में संडीला में तैनात रहे एसडीएम एवं तहसीलदार न तो समय से उपस्थित हुए और न ही अभिलेखों को प्रस्तुत किया। जिसके चलते कोर्ट ने उन्हें अभिलेखों सहित उपस्थित होने का आदेश पारित किया। वाद में पैरवी में लापरवाही पर एसडीएम सवायजपुर एवं तहसीलदार बिलग्राम के कार्यों की परिनिदा की गई है।

डीएम ने बताया कि दाखिल वाद में पर स्थायी अधिवक्ता की ओर से इंस्ट्रक्शन दाखिल करने के मांगे गए समय पर उच्च न्यायालय ने 31 जनवरी की तिथि नियत की, किन्तु इन्सट्रक्शन दाखिल नहीं हो पाया। इस पर उच्च न्यायालय ने 7 फरवरी की तिथि नियत कर दी। 7 फरवरी न तो एसडीएम संडीला उदय भान सिंह इंस्ट्रक्शन सहित उपस्थित हुए और न ही तहसीलदार संजय कुमार ने उपस्थिति दर्ज कराई। जिस पर उच्च न्यायालय ने 13 मार्च 2019 को आदेश पारित करते हुए प्रश्नगत मामले में समयबद्व कार्रवाई सुनिश्चित न कराने पर उन्हें (डीएम को) वांछित अभिलेखों सहित उपस्थित होने का आदेश पारित किया। कर्मचारी आचारण नियमावली प्राविधानित नियमों के विपरीत कृत्य पर एसडीएम एवं तहसीलदार के कार्यो की घोर परिनिन्दा की गई है।

बताया कि बिलग्राम एसडीएम को दो प्रतियां इस निर्देश के साथ भेजी गई हैं कि एक प्रति तहसीलदार संजय कुमार को प्राप्त कराएंगे। सवायजपुर एसडीएम को दो प्रतियां भेज कर निर्देश दिये हैं कि एक प्रति प्राप्त कर दूसरी प्रति प्राप्ति के हस्ताक्षर के साथ लौटती डाक से अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराएं।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप