हरदोई : अगर आपके पास जुगाड़, पहुंच है तो आपके एक नहीं, दो आवास बन जाएंगे। गांव में भी और निकाय क्षेत्र में भी आवास योजना का लाभ मिल जाएगा। ऐसा ही मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण व नगरीय में एक व्यक्ति ने अपनी पहुंच व जुगाड़ के बल पर प्रधान, पंचायत सचिव से लेकर सत्यापन अधिकारी व बीडीओ तक को मुट्ठी में कर लिया। अब डीएम ने जांच कराई तो, राजफाश हो गया। एक नहीं छह अपात्रों को आवास दिए जाने की पुष्टि हुई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में गांव और नगरीय में निकाय क्षेत्रों के जरूरतमंदों को पात्रता की श्रेणी में आने में लाभांवित किए जाने की व्यवस्था दी गई है। विकास खंड कोथावां की ग्राम पंचायत झरोइया की जांच में प्रधानमंत्री आवास योजना के छह मामलों में अपात्रों को लाभांवित किए जाने का राजफाश हुआ है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने ग्राम पंचायत झरोइया में वर्ष 2015-2021 तक कराए गए कार्यों की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह की अध्यक्षता वाली समिति में लघु सिचाई विभाग के जेई खुशीराम को नामित किया। समिति ने ग्राम पंचायत की ओर से कराए गए निर्माण कार्य के स्थलीय निरीक्षण व अभिलेखों का परीक्षण किया।

समिति की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्राम पंचायत अधिकारी सत्येंद्रवीर सिंह ने योजना में मनमानी की है। अपात्रों को योजना से लाभांवित कर न केवल शासकीय राशि का दुरुपयोग किया है, बल्कि पात्रों को योजना से वंचित होना पड़ा है। इनसेट :

इन लोगों को अपात्र होने के बाद किया गया लाभांवित : . ग्राम पंचायत डही के मजरा के सलेमपुर की सुमनदेवी पत्नी राजेश कुमार।

. ग्राम पंचायत झरोइया व नगर पंचायत बेनीगंज के बृजकिशोर तिवारी पुत्र विश्वनाथ तिवारी।

. ग्राम पंचायत झरोइया की सीमा पत्नी जितेंद्र सिंह।

. ग्राम पंचायत झरोइया की विनीता पत्नी आलोक।

. ग्राम पंचायत झरोइया की सुषमा पुत्री सुरेश।

. ग्राम पंचायत झरोइया के मुनेंद्र सिंह पुत्र शुभकरन सिंह।

Edited By: Jagran