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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को याद किया

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Published: Thu, 10 Jan 2013 01:54 AM (IST)Updated: Thu, 10 Jan 2013 01:55 AM (IST)

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हरदोई, जागरण प्रतिनिधि : सीएसएनपीजी कालेज के संस्थापक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू मोहन लाल वर्मा को 34 वें निर्वाण दिवस पर याद किया गया।

इस मौके पर महाविद्यालय में स्थापित बाबू मोहन लाल वर्मा की मूर्ति पर उनके सहयोगी कौशल किशोर त्रिपाठी, महाविद्यालय के प्राचार्य डा.रामाधार दीक्षित, बाबू मोहनलाल वर्मा स्मृति समिति के सचिव प्रो.भरत सिंह आदि ने माल्यार्पण किया। विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया।

इस अवसर पर डा.रामाधार दीक्षित ने कहा कि बाबू जी छात्र जीवन से ही स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े थे। 1930 में नमक सत्याग्रह में प्रथम बार गिरफ्तार हुए। 1932 में पुन: विदेशी सत्ता के विरुद्ध संघर्ष के लिए छह माह जेल में रहे। डा.नरेश चंद्र शुक्ल ने कहा कि जिस समय जनपद में उच्च शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी, उस समय बाबू जी ने सीएसएन कालेज की स्थापना की। जिससे छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ा। डा. जेएस कुशवाहा ने बताया कि 1958 में केन आई हास्पिटल, 1959 में श्री रामबाजपेई स्मारक, 1963 में श्रीराम बाजपेई विद्यालय की स्थापना, 1965 में सीएसएन डिग्री कालेज की स्थापना की।

प्रो. भरत सिंह ने बताया कि बाबू जी 1948 से 1952 तक विधान परिषद के सदस्य, 1953 से 1956 तक असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर रहे। कार्यक्रम में संजीव वर्मा, प्रो.एसपी गौड, डॉ.महेंद्र वर्मा, एसी बाजपेई, डॉ.पुष्पा रानी गंगवार, श्रीमती मिथलेश मिश्रा और रागिनी सिंह आदि मौजूद रहीं।

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