संवाद सहयोगी, पिलखुवा:वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए चिह्नित जमीन पर बृहस्पतिवार को चारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंचे कर्मियों को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। ग्रामीणों ने हंगामा कर निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया। इसके चलते मौके पर हंगामा खड़ा हो गया। सूचना पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया। हालांकि विरोध के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। दूसरी ओर रविवार को संभावित महापंचायत के चलते गांवों में बैठकों को दौर शुरू हो गया है।

गाजियाबाद नगर निगम ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए ग्राम गालंद में 44.25 एकड़ भूमि खरीदी है। लेकिन, प्लांट आसानी से स्थापित होता नजर नहीं आ रहा है। गालंद सहित दर्जनभर गांवों के ग्रामीण प्लांट का विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में तीन अक्टूबर से ग्रामीण चिह्नित जमीन के निकट धरना भी दिए हुए हैं। पिछले दिनों नगर पालिका परिषद स्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय में आयोजित गाजियाबाद और हापुड़ के जिलाधिकारी एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में चिह्नित जमीन की चारदीवारी को लेकर सहमति बन गई थी, लेकिन अगले ही दिन आंदोलनरत ग्रामीणों ने चारदीवारी कराने भी विरोध शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को गाजियाबाद नगर निगम के कर्मी चिह्नित जमीन की चारदीवारी कराने के लिए मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे। जिसकी भनक मिलते ही धरनारत ग्रामीणों के अलावा आसपास गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। चारदीवारी कार्य को रोकते हुए ग्रामीण चिह्नित जमीन पर धरना देकर बैठ गए। मामला बिगड़ता देख डिप्टी कलक्टर सुनीता सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. तेजवीर सिंह मय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और समझा बुझाकर ग्रामीणों को शांत कराया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया कि जमीन नगर निगम की है। वह अपनी जमीन पर चारदीवारी कर सकते हैं, लेकिन ग्रामीण ने मानें और चिह्नि्त जमीन के बाहर धरना देकर बैठ गए। पुलिस क्षेत्राधिकारी का कहना है कि ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही समाधान हो जाएगा। दूसरी ओर, रविवार को होने वाली ग्रामीणों की संभावित महापंचायत को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। ग्राम प्रधान गालंद संजय कोरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को गांव में बैठक एवं रैली निकालकर ग्रामीणों को प्लांट के विरोध में जागरूक किया गया हैं। उनका कहना है कि प्लांट किसी भी कीमत पर स्थापित नहीं होने दिया जाएगा।

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