संवाद सहयोगी, पिलखुवा:

डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के विरोध में शुक्रवार को ग्राम रघुनाथपुर के ग्रामीणों ने हंगामा किया। ग्रामीणों ने हंगामा कर निर्माण रुकवा दिया। सूचना पर उपजिलाधिकारी एवं कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बातचीत करने के बाद ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो सका। बता दें कि बृहस्पतिवार को कस्तला कासमाबाद गांव के निकट भी ग्रामीणों ने हंगामा कर निर्माण कार्य रोक दिया था।

हंगामा कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें अभी तक जमीन अधिग्रहित कर मुआवजा नहीं मिला है। जबकि कुछ ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें भूमि स्वामियों का आरोप था कि उनका मुआवजा किसी और ने लिया है। हंगामा कर ग्रामीणों ने कारिडोर का निर्माण कार्य रुकवा दिया। सूचना पर उपजिलाधिकारी धौलाना अरविद द्विवेदी, पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. तेजवीर सिंह और थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार सिंह मय पुलिस बल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत की गई। उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। फिलहाल निर्माण कार्य को नहीं रोका जाए। उपजिलाधिकारी के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। तब जाकर निर्माण कार्य शुरू हो सका।

बृहस्पतिवार को कस्तला कासमाबाद गांव के ग्रामीणों ने भी मुआवजा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था और निर्माण कार्य रुकवा दिया था।

उल्लेखनीय है कि कोलकाता से लेकर लुधियाना तक मालगाड़ी के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर बनाया जा रहा है। कुल 1856 किमी ट्रैक होगा, जिसमें बंगाल के दनकौनी तक 1409 किमी का डबल ट्रैक और लुधियाना से खुर्जा तक 447 किमी सिगल ट्रैक रहेगा।

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कारिडोर के प्रमुख स्टेशन

लुधियाना, सरहिद, राजपुरा, अंबाला, सहारनपुर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, बरहन, टुंडला, फिरोजाबाद, इटावा, कानपुर, इलाहाबाद रहेगा।

Edited By: Jagran