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योगी सरकार ने दी राहत! हापुड़ के कारोबारियों को ₹10 करोड़ से ज्यादा के बकाए पर मिलेगी 100% ब्याज छूट

Published: Mon, 19 Oct 2026 10:54 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने पुराने कर बकाए पर ब्याज और अर्थदंड से राहत देने के लिए 'उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026' शुरू की है।

सरकार ने दी बड़ी राहत। AI जनरेटेड

सरकार ने दी बड़ी राहत। AI जनरेटेड

HighLights

  1. उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 हुई शुरू।

  2. हापुड़ के 950 कारोबारियों को मिलेगी ब्याज-अर्थदंड में छूट।

  3. 16 अक्टूबर से 15 जनवरी 2027 तक कर सकेंगे आवेदन।

जागरण संवाददाता, हापुड़। पुराने कर बकाए पर लगने वाले ब्याज और अर्थदंड से परेशान कारोबारियों के लिए राहत की राह खुल गई है। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 शुरू की है।

इसके तहत बकाया मूलधन जमा करने पर ब्याज और अर्थदंड में सौ प्रतिशत तक की छूट मिल सकेगी। जिले के करीब 950 कारोबारियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

इन पर दस करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। योजना का लाभ लेने के लिए 16 अक्टूबर से 15 जनवरी 2027 तक आवेदन किया जा सकेगा।

योजना में बकाए की राशि के अनुसार छूट का प्रावधान किया गया है। दस लाख रुपये तक के मूल बकाये वाले कारोबारियों को पूरा मूलधन जमा करने पर ब्याज और अर्थदंड में शत-प्रतिशत छूट मिलेगी।

10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के बकाए पर ब्याज का दस प्रतिशत जमा करना होगा और अर्थदंड में 90 प्रतिशत छूट मिलेगी। एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक के बकाए पर ब्याज का 25 प्रतिशत जमा करने पर अर्थदंड में 75 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

वहीं, पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाए पर ब्याज और अर्थदंड दोनों में 50-50 प्रतिशत छूट मिलेगी। सभी श्रेणियों में मूल बकाया राशि पूरी जमा करना अनिवार्य होगा।

पुराने कर मामलों का होगा निस्तारण

योजना के दायरे में बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर, व्यापार कर और वैट सहित पुराने कर कानूनों के तहत दर्ज बकाए शामिल हैं। मनोरंजन कर और केबल टेलीविजन नेटवर्क से संबंधित कुछ पुराने बकाए का भी निस्तारण कराया जा सकेगा।

लंबे समय से बकाया होने के कारण कई मामलों में ब्याज और अर्थदंड की राशि बढ़ गई है। ऐसे में योजना कारोबारियों को आर्थिक बोझ कम करने और पुराने मामलों से छुटकारा पाने का अवसर देगी।

पोर्टल पर करना होगा आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए करदाताओं को वाणिज्य कर विभाग के पोर्टल पर लाग इन कर बकाए का विवरण देखना होगा। इसके बाद निर्धारित श्रेणी के अनुसार देय धनराशि आनलाइन जमा कर आवेदन करना होगा। विभाग की ओर से सत्यापन के बाद नियमानुसार बकाये के निस्तारण का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

कारोबारियों से लाभ उठाने की अपील

राज्य कर विभाग के उपायुक्त लालचंद ने बताया कि योजना से करदाताओं को पुराने बकाए का निस्तारण कराने में मदद मिलेगी। साथ ही अनावश्यक अपील और मुकदमेबाजी से भी बचा जा सकेगा।

इससे कारोबारियों को राहत मिलने के साथ प्रदेश सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी। उन्होंने जिले के संबंधित करदाताओं से निर्धारित अवधि में योजना का लाभ उठाने की अपील की।