जागरण संवाददाता, हापुड़ :

जिले के विकास को भविष्य में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले मास्टर प्लान 2031 को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है। इसको लेकर 30 अक्टूबर को लखनऊ में मास्टर प्लान का प्रस्तुतीकरण लखनऊ में आवास आयुक्त, प्रमुख सचिव आवास के अलावा शासन द्वारा गठित कमेटी के समक्ष किया जाएगा।

जनपद में लागू मास्टर प्लान 2005 के तहत हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) द्वारा जिले का सुनियोजित विकास किया जा रहा है। लेकिन किन्हीं कारणों से 2021 का मास्टर प्लान नहीं आ सका है। जनपद से दो राष्ट्रीय राजमार्ग नौ और 334ए के गुजरने के बावजूद भी जनपद में विकास की रफ्तार धीमी होने लगी है। जनपद को विकास के पंख लगाने के लिए एनसीआर प्लानिग बोर्ड ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण का मास्टर प्लान 2031 को बनाने की कवायद तेज कर दी है। जिसके लागू होने से जनपद में प्रत्येक क्षेत्र में विकास की गंगा बहेगी। लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और जनपद का राजस्व बढ़ेगा। मास्टर प्लान-2031 लागू होने के बाद जनपद हापुड़ की प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनेगी। प्राधिकरण के सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण अधिकारियों के साथ एनसीआर प्लानिग बोर्ड के अधिकारी और एजेंसी द्वारा सर्वे करने वाले अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की है। अब आगामी 30 अक्टूबर को एचपीडीए के मास्टर प्लान का प्रस्तुतीकरण लखनऊ में आवास आयुक्त, प्रमुख सचिव आवास के अलावा शासन द्वारा गठित कमेटी के समक्ष किया जाएगा। इस अवसर पर प्राधिकरण की उपाध्यक्ष अर्चना वर्मा, सचिव प्रदीप कुमार सिंह, सीटीपी, टीपी व सर्वे करने वाली एजेंसी के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। लखनऊ में प्लान पास होने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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तीर्थनगरी में विकास कार्य जारी

महायोजना 2021 को भले ही शासन से स्वीकृति नहीं मिली, लेकिन गढ़मुक्तेश्वर और पिलखुवा का विकास करीब 10 साल से हो रहा है। जिसमें ग्रीन बेल्ट, औद्योगिक इकाई तथा आवासीय कालोनियों का विकास भी 2021 के तहत ही किया जा रहा है।

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2021 महायोजना के प्लान में हुआ बदलाव

क्षेत्र के विकास के लिए करीब छह साल से हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण डीपीआर तैयार करा रहा है। जिसमें एनसीआर प्लानिग बोर्ड द्वारा महायोजना की फाइल तैयार करके शासन को भेज दी गई थी, लेकिन प्राधिकरण अब हापुड़ में भी 2031 महायोजना के लिए रिपोर्ट एनसीआर प्लानिग बोर्ड को भेज चुकी है। इसमें महायोजना 2021 में कई बदलाव किए गए हैं। उसमें बदलाव करके 2031 महायोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

Edited By: Jagran