हापुड़ में स्वाइन फ्लू का कहर जारी, अब 3 नए मरीज मिले; मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 12
हापुड़ जिले में स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, बुधवार को तीन नए मरीज मिलने से कुल ...और पढ़ें

तीन और मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
संवाद सहयोगी, हापुड़। हापुड़ जिले में स्वाइन फ्लू का संक्रमण अब तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। बुधवार को जांच रिपोर्ट में तीन और मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 12 पहुंच गई है।
वहीं, लगातार नए मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। विभाग ने संदिग्ध मरीजों की निगरानी और जांच बढ़ाने के साथ अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में भी बुखार, खांसी, जुकाम और गले में खराश की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों ने लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी है। खासतौर पर कई दिन तक बुखार रहने, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा गया है।
जिले में इससे पहले स्वाइन फ्लू की चपेट में आए गांव धनौरा के रहने वाले एक बुजुर्ग किसान नानक शर्मा की मौत हो चुकी है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ाई थी। अब तीन नए मरीज मिलने से विभाग के सामने चुनौती और बढ़ गई है। संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि संक्रमण की कड़ी को समय रहते रोका जा सके।
दो महिला और एक है शामिल पुरुष
गांव दस्तोई, मोहल्ला चमरी और एक गढ़ में पुष्टि हुई है। जिसमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल है। इनके संपर्क में आए परिवार के सदस्यों व आस-पड़ोस के लोगों की निगरानी कराई गई है और ओसेल्टामिविर एंटी वायरल दवा दी गई है।
जिला अस्पताल की रिपोर्ट में हुई पुष्टि
दोनों महिलाओं व पुरुष को काफी दिनों से बुखार समेत अन्य परेशानी हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने दस्तोई रोड स्थित जिला अस्पताल पहुंचकर जांच कराई तो, रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि हुई। तीनों मरीज घर पर हैं और बिल्कुल स्वस्थ है।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने, खांसते और छींकते समय मुंह ढकने व बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न लेने की सलाह दी गई है। लक्षण दिखाई देने पर समय से जांच और उपचार कराने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। - डॉक्टर किशोर कुमार आहुजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
