विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अतीत के आईने सेः सुखबीर सिंह गहलोत ने कांग्रेस से की थी राजनीतिक पारी की शुरुआत, भाजपा में आकर की समाप्त

By Mangal YadavEdited By:
Published: Wed, 12 Jan 2022 06:28 PM (IST)

धौलाना क्षेत्र के गांव सपनावत निवासी पूर्व विधायक स्वर्गीय सुखबीर सिंह गहलोत ने कई बार दल बदले। इन्होंने राजनीति की ...और पढ़ें

भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद पूर्व विधायक स्वर्गीय सुखबीर सिंह गहलौत(काली जैकिट में )
भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद पूर्व विधायक स्वर्गीय सुखबीर सिंह गहलौत(काली जैकिट में )

हापुड़ [शुभम गोयल]। धौलाना क्षेत्र के गांव सपनावत निवासी पूर्व विधायक स्वर्गीय सुखबीर सिंह गहलोत ने कई बार दल बदले। इन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की। इसके बाद जनता दल यू और बहुजन समाज पार्टी में भी रहे। अंत में भाजपा में रहते हुए इनका निधन हो गया। क्षेत्र में इन्हें साठा-चौरासी के शेर के नाम से जाना जाता है। सुखबीर सिंह गहलोत पहली बार वर्ष 1980 में कांग्रेस से जीतकर विधायक बने। वर्ष 1985 तक यह विधायक रहे। इसके बाद वर्ष 1989 और वर्ष 1991 में जनता दल से जीतकर विधायक बने। जनता दल से विधायक रहते हुए इनका कार्यकाल हर बार लगभग दो-दो वर्ष का रहा। वर्ष 1995 में इन्होंने बसपा से विधानसभा सदस्य का चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार इनकी जीत नहीं हो सकी। वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले इन्होंने सैकड़ों लोगों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उस समय के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। वर्ष 2017 में इन्होंने भाजपा से धौलाना-पिलखुवा विधानसभा से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन इन्हें टिकट नहीं मिल सका था।

बता दें कि जब भी सुखबीर सिंह गहलोत विधायक रहे, उस समय पिलखुवा-धौलाना क्षेत्र गाजियाबाद जिले की मोदीनगर विधानसभा का हिस्सा हुआ करता था। वर्ष 2012 में पिलखुवा-धौलाना अलग विधानसभा सीट बनी। सुखबीर सिंह गहलोत के पुत्र विवेक गहलोत बताते हैं कि उनके पिता ने पांच बार विधानसभा का चुनाव लड़ा था। जिसमें तीन बार उनकी बड़ी संख्या में वोटों से जीत हुई थी। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उनके पिता को उस समय सपा में शामिल होने और सरकार में सिंचाई मंत्री बनाने के लिए प्रस्ताव दिया था, लेकिन क्षेत्र की जनता के लिए उन्होंने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया था। वर्ष 2018 में बीमारी के चलते उनके पिता का देहांत हो गया।

पत्नी भी राजनीतिक रूप से रहीं सक्रिय

सुखबीर सिंह गहलोत की पत्नी अंजना गहलोत भी राजनीतिक रूप से सक्रिय रही। वह 15 सालों तक लगातार जिला पंचायत की सदस्य रहीं। इनका कार्यकाल वर्ष 1995 से लेकर वर्ष 2010 तक का रहा।

बेटा विवेक गहलोत मांग रहा टिकट

सुखबीर सिंह गहलोत ने अपने बेटे विवेक गहलोत को भी राजनीतिक रूप से सक्रिय किया। विवेक लंबे समय से भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं। वर्तमान में धौलाना -पिलखुवा विधानसभा सीट से टिकट के लिए दावेदारी की हुई है।