संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर : गांव सिकंदरपुर में ग्राम प्रधान और तत्कालीन सचिव द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की प्रथम दृष्टया जांच होने के बाद एक और जांच कराने के लिए जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय टीम गठन के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी और आरईएस के अवर अभियंता को नामित किया है। उन्हें शीघ्र जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।

गांव सिकंदरपुर निवासी अनुज कुमार पुत्र अशोक कुमार ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर गांव में हुए विकास कार्यो में अनियमितताएं होने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसके बाद डीपीआरओ ने जिला विकास अधिकारी से मामले की जांच कराई। जिला विकास अधिकारी ने जांच करने के बाद ग्राम पंचायत सिकंदरपुर में कराए गए विकास कार्यो में एमबी से अधिक भुगतान किए जाने, ग्राम प्रधान द्वारा कुछ कार्य मानकों एवं वैशिष्टियों के विपरीत कराए जाने तथा ग्राम पंचायत में विकास कार्य मनमाने ढंग से कराने, गांव में सीएफएल लाइटें मौके पर नहीं पाए जाने जैसे आरोप पर प्रथम दृष्टया सत्यता पाए जाने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी।

जिला विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी अदिति ¨सह ने जिला स्तरीय कमेटी गठित की है। जिसमें जिला समाज कल्याण अधिकारी और आरईएस के अवर अभियंता सुभाष चंद्र को नामित किया है। जिलाधिकारी ने अपने आदेश में कहा है कि जांच के दौरान तकनीकी परीक्षण अवर अभियंता सुभाष चंद्र द्वारा किए जाएगा। शेष प्रकरण की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा की जाएगी। जिलाधिकारी ने यह भी आदेश दिए हैं कि तत्कालीन सचिव अमित सैनी और वर्तमान ग्राम पंचायत सचिव अंकुर कुमार जांच से संबंधित दस्तावेज लेकर उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।

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