संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर : प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के उत्थान व कर्ज में डूबी हुई समितियों को कर्ज से उभारने के लिए प्रयास किया है। समिति के बकाएदार किसानों को राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना के अंतर्गत मूलधन के बराबर ब्याज देकर उन्हें ऋणमुक्त करने की योजना चलाई थी। इस योजना के तहत लाभ देने के लिए सरकार ने तारीख बढ़ाते हुए 14 अगस्त कर दी है। जिससे शेष किसान भी उक्त योजना का लाभ ले सकते हैं।

जिला गन्ना अधिकारी नमिता कश्यप ने बताया कि शासन ने गन्ना समितियों के बकाएदार किसानों के उत्थान के लिए एकमुश्त समाधान योजना चलाई थी। जिसमें मूलधन के बराबर ब्याज देकर किसानों को ऋणमुक्त कर दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए अंतिम तारीख तीस जून थी। उक्त योजना के लिए ¨सभावली गन्ना विकास समिति के 1711 किसान पत्र पाए गए थे।

जिन पर समिति का 32 लाख 86 हजार रुपये मूलधन था। जिसका ब्याज 60 लाख 49 हजार रुपये हो रहा था। गत दिनों इन किसानों में से 486 किसानों ने एकमुश्त योजना का लाभ उठाते हुए ऋण जमा किया। इन 486 किसानों पर 3.45 लाख रुपये मूलधन था। जिसका ब्याज 6.53 लाख रुपये हो गया था, लेकिन मूलधन के बराबर ब्याज लेने के कारण इन किसानों से 9.98 लाख रुपये के स्थान पर 6.90 लाख रुपये जमा करना पड़ा और समिति ने उन्हें ऋणमुक्त पत्र जारी कर दिया है। जिससे जहां कई वर्षों से समिति की डूबी हुई धनराशि वसूल हो गई। वहीं किसानों को भी लाभ मिला। नमिता कश्यप ने बताया कि शासन ने एकमुश्त समाधान योजना की अंतिम तारीख बढ़ाकर 14 अगस्त कर दी है। जिससे समिति के शेष ऋणी किसान एकमुश्त समाधान योजना का लाभ उठा सकें।

Posted By: Jagran