हापुड़ [केशव त्यागी]। सिंभावली थाना क्षेत्र के एक गांव से पांच वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दरिंदगी करने वाले हैवान के जुर्म का हिसाब मंगलवार को न्यायालय में हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने आरोपित को दोषी करार देते हुए मृत्यु तक कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा एक लाख पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

विशेष लोक अभियोजक पाक्सो हरेंद्र त्यागी ने बताया कि 18 फरवरी 2021 की दोपहर सिंभावली क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान की सात वर्षीय और पांच वर्षीय दो पुत्रियां ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही थीं। इस दौरान एक बाइक सवार युवक पांच वर्षीय बच्ची का अपहरण कर ले गया था। 18 फरवरी 2021 की देर शाम बच्ची मेरठ जिले के थाना किठोर क्षेत्र के गांव महलवाला के जंगल में बदहवास अवस्था में मिली थी।

चिकित्सक की रिपोर्ट में बच्ची से दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई थी। 20 फरवरी 2021 की सुबह जिला पुलिस मुठभेड़ के बाद बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपित जिला मेरठ के गांव किला परीक्षितगढ़ निवासी अनुज कुमार को गिरफ्तार किया था।

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि वह मासूम के गांव के पास लगने वाले मेले में आया था। मासूम का अपहरण कर उसने दरिंदगी को अंजाम दिया था। वह मासूम की हत्या करने की फिराक में था, लेकिन एक ग्रामीण के शोर मचाने पर वह भाग खड़ा हुआ था।

मुकदमे की जांच के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे पर संज्ञान लेकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) श्वेता दीक्षित ने सुनवाई शुरू की थी। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई निर्णायक मोड़ पर पहुंची।

न्यायाधीश ने आरोपित अनुज कुमार को दोषी करार देते हुए मृत्यु तक कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा एक लाख पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अलावा पीड़िता के पुर्नवास के लिए दो लाख रुपये की धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा देय होगी।

Edited By: Geetarjun Gautam