संवाद सहयोगी, पिलखुवा:

प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी के कारण खेड़ा गांव का भूजल स्तर दूषित हो गया है। गांव में लगे सरकारी हैंडपंप से दूषित पानी आ रहा है। इससे भड़के ग्रामीणों ने गुरुवार को प्रदर्शन कर जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी का सेवन करने के कारण गांव में 70 प्रतिशत लोग हेपेटाइटिस बी और सी के शिकार हैं। दर्जनों ग्रामीण कैंसर के शिकार हो चुके हैं। गांव के आसपास स्थित फैक्ट्रियों से दूषित पानी गांव के जलस्तर को दूषित किए है। कई बार प्रशासन एवं प्रदूषण विभाग के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। सुरेंद्र तोमर, राहुल शर्मा, राजेंद्र गिरि, आशीष शर्मा, विनीत, ¨रकू ¨सह, दीपक तोमर, मोहित तोमर आदि प्रदर्शन में शामिल रहे। एसडीएम मीनू राणा का कहना है कि प्रदूषण एवं जल निगम के अधिकारियों के भेजकर गांव में जांच कराई जाएगी।

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