संवाद सहयोगी, ब्रजघाट : यदि आज शुक्रवार को आप राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (पूर्व में 24) के रास्ते की गुजरने की सोच रहे हैं तो सतर्क रहें। आषाढ़ अमावस्या पर ब्रजघाट गंगा में शुक्रवार को आस्था की डुबकी लगाने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते जाम से दो चार होना पड़ सकता है।

आषाढ़ अमावस्या पर शुक्रवार को ब्रजघाट गंगा तट पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों के भक्तों का आगमन बृहस्पतिवार शाम से ही तीर्थनगरी में होने लगा है। इसके चलते हर तरफ चहल-पहल दिखाई पड़ रही है। वहीं, सैकड़ों धर्मशाला, आश्रम और मंदिर परिसरों में भी भक्तों की भीड़ है। जाम न लगे इसके लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी संतोष मिश्रा ने बताया कि अमावस्या के मद्देनजर तीर्थ नगरी में भक्तों का आवागमन प्रारंभ हो गया है, जिसके चलते हाईवे को जाममुक्त रखने और शांति व्यवस्था के लिए चाक चौबंद व्यवस्था

की है। स्नानघाटों पर महिला कांस्टेबलों समेत पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। हाईवे पर मुख्य स्थानों पर भी पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। जाम लगने पर प्रशासन रूट डायवर्जन करने की तैयारी कर रखा है। जाम लगने पर इन रास्तों का कर सकते हैं इस्तेमाल

- मुरादाबाद से दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहनों को मुरादाबाद के कांठ से धामपुर, नगीना, कोतवाली, बिजनौर, बैराज, मीरापुर, मवाना, मेरठ से मोदीनगर होकर गाजियाबाद तथा दिल्ली भेजा जाएगा।

-दिल्ली से मुरादाबाद की तरफ जाने वाले वाहनों को गाजियाबाद के लाल कुआं से बुलंदशहर, नरौरा, डिबाई, बबराला, बहजोई, चंदौसी से होकर निकलेंगे।

- मुरादाबाद से मेरठ को जाने वाले वाहन अमरोहा के अतरासी रोड से अमरोहा, नौगांवा सादात और नूरपुर होकर निकलेंगे।

-हापुड़ से मुरादाबाद की तरफ जाने वाले वाहन गुलावठी, बुलंदशहर, नरौरा, डिबाई, बबराला, बहजोई, चंदौसी होकर निकलेंगे।

-चांदपुर से दिल्ली जाने वाले वाहन बिजनौर, मवाना, मेरठ, गाजियाबाद होकर निकलेंगे।

-गजरौला चौपला से दिल्ली जाने वाले वाहन हल्दौर, बिजनौर, बैराज, मीरापुर, मवाना, मेरठ, मोदीनगर, गाजियाबाद होकर निकलेंगे।

-स्याना-बुलंदशहर से मेरठ-हापुड़ को जाने वाले वाहन स्याना से बीबीनगर, गुलावठी, हाफिजपुर, हापुड़, खरखौदा होकर निकलेंगे।

8-गढ़ की तरफ से रामपुर को जाने वाले वाहन स्याना, बुलंदशहर, नरौरा, बबराला, बहजोई, चंदौसी, बिलारी, शाहबाद से होकर निकलेंगे।

-हापुड़ से मुरादाबाद की तरफ जाने वाले वाहन बुलंदशहर, नरौरा होकर आगे जाएंगे।

-नेशनल हाईवे के स्याना फ्लाई ओवर से कोई भी वाहन गढ़ की तरफ नहीं आएगा। आषाढ़ अमावस्या का महत्व

¨हदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की अमावस्या का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस अमावस्या के बाद वर्षा ऋतु आती है। आषाढ़ अमावस्या पर दान और पूर्वजों की आत्मा शांति के लिए गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। बहुत खास है आषाढ़ की अमावस्या दो दिनों तक रहेगी। 12 जुलाई को पितृकार्य अमावस्या और 13 जुलाई को आषाढ़ी अमावस्या। शास्त्रों के अनुसार पितृ अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए किए गए कार्य शुभ माने जाते हैं। 12 जुलाई को पितृ कार्यों के लिए था और 13 जुलाई को सूर्योदय के समय अमावस्या की तिथि रहेगी। अमावस्या पर साल 2018 का दूसरा सूर्य ग्रहण इस अमावस्या पर साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भी लगेगा। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

Posted By: Jagran