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पनीर के कारोबार में बड़ा 'खेल', लागत से भी कम कीमत पर बिक्री; हापुड़ से चौंकाने वाली रिपोर्ट

Published: Mon, 14 Sep 2026 04:52 PM (IST)

हापुड़ में लागत से कम दाम पर बिक रहे पनीर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें सिंथेटिक और रासायनिक पनीर बनाने का खेल सामने आया है।

हापुड़ में नकली पनीर का खेल।

हापुड़ में नकली पनीर का खेल।

HighLights

  1. हापुड़ में लागत से कम दाम पर बिक रहा सिंथेटिक पनीर।

  2. मिलावटी पनीर से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा, फूड पॉइजनिंग का डर।

  3. खाद्य सुरक्षा विभाग दिल्ली-हरियाणा सप्लाई चेन तोड़ने में जुटा।

ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। पनीर की कीमत ही अब उसके कारोबार में चल रहे खेल पर सबसे बड़ा साक्ष्य बयां कर रही है। एक किलो पनीर तैयार करने के लिए करीब चार किलो दूध की आवश्यकता होती है।

दूध की कीमत के साथ श्रम, ईंधन, परिवहन और अन्य खर्च जोड़ें तो पनीर की उत्पादन लागत करीब 300 रुपये किलो तक पहुंच जाती है।

इसके बावजूद बाजार में 200 से 250 रुपये किलो तक पनीर आसानी से उपलब्ध है। ऐसे में सवाल है कि लागत से भी कम कीमत पर बिक रहा यह पनीर आखिर तैयार कैसे हो रहा है?

मानकों को ताख पर रखा

जिले में पनीर निर्माण को लेकर सामने आ रही जानकारी और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई इस सवाल को और गंभीर बनाती है। दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया कि शहर और देहात के गली-कूंचों के अलावा तालाबों और जंगलों के आसपास भी ऐसे ठिकाने सक्रिय हैं, जहां मानकों को ताख पर रखकर सिंथेटिक और रासायनिक पनीर तैयार किया जा रहा है।

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इस कारोबार का दायरा केवल हापुड़ तक सीमित नहीं है। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले पनीर की दिल्ली और हरियाणा तक सप्लाई की बात सामने आ रही है।

यह बड़ा सवाल

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार रोजाना 50 से अधिक वाहन पनीर लेकर जिले से बाहर निकलते हैं। सबसे गंभीर सवाल निगरानी व्यवस्था पर है। जिन स्थानों पर खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे हैं, वहां इस्तेमाल होने वाले दूध की गुणवत्ता, पानी की शुद्धता, सफाई व्यवस्था, निर्माण प्रक्रिया और भंडारण की स्थिति की जांच नियमित नहीं है, यह बड़ा सवाल है।

जांच में अनसेफ मिला पनीर

जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पनीर के नमूने अनसेफ मिलने के बाद इसकी गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। मिलावटखोर कम लागत में अधिक मुनाफे के लिए पनीर तैयार कर रहे हैं। ऐसे उत्पाद के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक घटिया खाद्य पदार्थ का सेवन स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है।

मिलावट और नकली पनीर के कई मामले जांच में सामने आ रहे हैं। यही कारण है कि हम पनीर की बड़ी खेप नष्ट करा रहे हैं। इस बार हापुड़ में प्रदेश में सबसे ज्यादा कार्रवाई की गई है। यह अभियान लगातार जारी है। निर्माण रोकने के साथ ही हम दिल्ली और हरियाणा की सप्लाई चेन को तोड़ रहे हैं। - चंद्रशेखर मिश्र, उपायुक्त, खाद्य सुरक्षा