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ब्याज के साथ वसूले जाएंगे 38 करोड़! ब्रजघाट टोल कंपनी IRB की बढ़ी मुश्किलें; प्रशासन ने जारी की आरसी

Published: Sat, 26 Sep 2026 03:03 PM (IST)

हापुड़ के ब्रजघाट टोल प्लाजा पर स्टाम्प शुल्क की कमी के लिए IRB कंपनी पर लगे 38 करोड़ रुपये के ...और पढ़ें

38 करोड़ का जुर्माना जमा नहीं किया। जागरण

38 करोड़ का जुर्माना जमा नहीं किया। जागरण

HighLights

  1. हापुड़ टोल कंपनी ने 38 करोड़ का जुर्माना नहीं भरा।

  2. राजस्व विभाग ने कंपनी के खिलाफ वसूली आरसी जारी की।

  3. अब भू-राजस्व के बकाये की तरह होगी धनराशि की वसूली।

अशरफ चौधरी, गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। हापुड़ में एनएच-9 स्थित अल्लाबक्शापुर-ब्रजघाट टोल प्लाजा पर वाहनों से टोल वसूली के लिए किए गए करोड़ों रुपये के अनुबंध में स्टांप शुल्क की कमी का मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है।

सहायक आयुक्त स्टांप द्वारा लगाए गए 38 करोड़ 14 लाख 26 हजार 920 रुपये के जुर्माने की निर्धारित अवधि में अदायगी नहीं होने पर राजस्व विभाग ने मैसर्स आइआरबी हापुड़-मुरादाबाद टोल वे प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आरसी जारी कर दी है। अब उक्त धनराशि की वसूली भू-राजस्व के बकाये की तरह की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, एनएचएआई के नेशनल हाईवे-9 पर ग्राम अल्लाबक्शापुर स्थित ब्रजघाट टोल प्लाजा के संचालन और वाहनों से टोल वसूली के लिए मैसर्स आइआरबी हापुड़-मुरादाबाद टोल वे प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 29 मई 2018 को अनुबंध किया गया था।

कुल 38 करोड़ 14 लाख 26 हजार 920 रुपये

वहीं, जांच के दौरान अनुबंध पर निर्धारित स्टांप शुल्क से कम शुल्क अदा किए जाने का मामला सामने आया। प्रकरण में सहायक आयुक्त स्टांप द्वारा 37 करोड़ 77 लाख 26 हजार 920 रुपये कमी स्टांप शुल्क तथा 37 लाख रुपये अर्थदंड आरोपित किया गया। इस प्रकार कुल 38 करोड़ 14 लाख 26 हजार 920 रुपये की धनराशि कंपनी से वसूल की जानी है।

प्रशासन की ओर से कंपनी को जुर्माने की राशि जमा करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के खिलाफ वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी कर दिया। संबंधित धनराशि को सरकारी कोषागार में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

समय पर भुगतान नहीं किया तो बढ़ती जाएगी देनदारी

एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि निर्धारित समय में स्टांप शुल्क और अर्थदंड जमा नहीं करने पर अब आरसी के माध्यम से वसूली की जाएगी।

उन्होंने बताया कि स्टांप शुल्क की धनराशि पर अनुबंध की तिथि 29 जून 2018 से वास्तविक अदायगी तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज भी वसूल किया जाएगा। इससे कंपनी पर देनदारी और बढ़ सकती है।

2018 में जांच के दौरान खुला था मामला

एसडीएम श्रीराम सिंह ने बताया कि 2018 में तत्कालीन महानिरीक्षक निबंधन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह के लिए एनएचएआइ द्वारा किए गए अनुबंधों पर स्टांप शुल्क की जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद जनपद में भी टोल अनुबंधों की जांच शुरू हुई।

वहीं, जांच के दौरान अल्लाबक्शापुर-ब्रजघाट टोल प्लाजा के अनुबंध में स्टांप शुल्क की कमी का मामला सामने आया था। कार्रवाई के बाद अब निर्धारित धनराशि जमा नहीं होने पर राजस्व विभाग ने आरसी जारी कर वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है।