फ्रेट कॉरिडोर और गंगा एक्सप्रेसवे ने बदली हापुड़ की तस्वीर, वेयरहाउस हब बनने को तैयार
प्रदेश सरकार हापुड़ को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख लॉजिस्टिक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है, ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर, एआई जनरेटेड।
HighLights
हापुड़ पश्चिमी यूपी का प्रमुख लॉजिस्टिक हब बनेगा।
गाजियाबाद, नोएडा के वेयरहाउस हापुड़ में स्थानांतरित होंगे।
फ्रेट कॉरिडोर, गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। प्रदेश सरकार हापुड़ को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख लॉजिस्टिक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। योजना के तहत गाजियाबाद और नोएडा के बड़े-बड़े वेयर हाउस चरणबद्ध तरीके से हापुड़ शिफ्ट किए जाएंगे।
पहले चरण में गाजियाबाद के लोहे के वेयर हाउस बुलंदशहर रोड पर प्रस्तावित 100 हेक्टेयर के वेयर हाउस हब में स्थापित होंगे। रेलवे फ्रेट कॉरिडोर और गंगा एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के कारण यहां से देशभर में माल की ढुलाई आसान होगी।
इसके बाद नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक्स समेत अन्य उत्पादों के वेयर हाउस भी हापुड़ स्थानांतरित किए जाएंगे। उद्योग विभाग ने रेलवे और यूपीडा के साथ मिलकर इस महत्वाकांक्षी योजना का खाका तैयार किया है।
गाजियाबाद के बड़े वेयरहाउस हापुड़ होंगे शिफ्ट
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को लॉजिस्टिक सेक्टर में नई पहचान दिलाने की योजना के पहले चरण में गाजियाबाद में संचालित लोहे के बड़े वेयर हाउसों को हापुड़ लाया जाएगा।
इसके लिए बुलंदशहर रोड पर लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्र में अत्याधुनिक वेयरहाउस हब विकसित करने की तैयारी है। उद्योग विभाग ने इस परियोजना को लेकर रेलवे और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के साथ मिलकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। भूमि चयन, कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस स्थान को उपयुक्त माना गया है।
क्या है हापुड़ की ताकत?
अधिकारियों का कहना है कि हापुड़ की सबसे बड़ी ताकत उसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और मजबूत परिवहन नेटवर्क है। यहां से रेलवे फ्रेट कॉरिडोर और गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों तक माल की तेज, सुरक्षित और कम लागत में ढुलाई संभव होगी।
बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उद्योगों की लॉजिस्टिक लागत घटेगी, डिलीवरी का समय कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। योजना के दूसरे चरण में नोएडा के इलेक्ट्रानिक्स, उपभोक्ता वस्तुओं और अन्य औद्योगिक उत्पादों से जुड़े बड़े वेयरहाउसों को भी हापुड़ स्थानांतरित करने की तैयारी है।
इससे हापुड़ में आधुनिक वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग और सप्लाई चेन से जुड़े नए निवेश आकर्षित होंगे। इसके साथ ही परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग, सुरक्षा, रखरखाव और अन्य सहायक सेवाओं में हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद हापुड़ बनेगा वेस्ट यूपी का लॉजिस्टिक केंद्र
उद्योग विभाग के अधिकारियों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद हापुड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख लॉजिस्टिक केंद्र बनकर उभरेगा। इससे आसपास के जिलों के उद्योगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
स्थानीय व्यापारियों का भी मानना है कि यदि योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है तो हापुड़ की पहचान केवल व्यापारिक मंडी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक आधुनिक वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित होगा।
बुलंदशहर रोड पर रेलवे फ्रंट कॉरीडोर का स्टेशन उपलब्ध है। इसका लाभ हमको मिलेगा। हमारे यहां पर कई कंपनियों की कारों की लोडिंग-अनलोडिंग आरंभ हो गई है।
अब अगले चरण में वेयर हाउस बनाकर क्षेत्रीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की है। इसके लिए योजना तैयार हो गई है। शासन से स्वीकृति के बाद रेलवे, इंडस्ट्रीज और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर ली गई है।
- खुशबू सिंह- जिला उद्योग उपायुक्त।
