हापुड़ बनेगा 'मिनी नोएडा', गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा इंडस्ट्रियल-रेजिडेंशियल हब; UPEIDA का प्लान
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे हापुड़ को 'मिनी नोएडा' की तर्ज पर विकसित करने की योजना है, जिसमें औद्योगिक, आवासीय और ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे होगा नोएडा की तर्ज पर विकास। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
हापुड़ को 'मिनी नोएडा' की तर्ज पर विकसित किया जाएगा
गंगा एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक-आवासीय क्षेत्र बनेंगे
दो इंटरचेंज पर होटल, बाजार, मॉल प्रस्तावित हैं
ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। गंगा एक्सप्रेसवे के साथ जिले में विकास की नई पटकथा लिखी जा रही है। दोनों इंटरचेंज के आसपास होटल, बाजार और आवासीय-औद्योगिक जोन विकसित कर इस क्षेत्र को बड़ा निवेश हब बनाने की तैयारी है। गंगा एक्सप्रेसवे से जिले में दो नए क्षेत्रों को कारोबारी क्षेत्र के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है।
यूपीडा ने गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों साइड के क्षेत्र का विकास नोएडा जैसे औद्योगिक शहर की तर्ज पर कराने की योजना तैयार की है। इसके साथ ही दोनों इंटरचेंज के आसपास के क्षेत्र में होटल व बाजार स्थापित करने की तैयारी है।
इसके लिए औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ आवासीय व कमर्शियल जोन भी बनाए जाएंगे। गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर हाईराइज आवासीय योजना लाने की तैयारी है। जिम्मेदारों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे से इस क्षेत्र में तेजी से विकास होगा।
रेजिडेंशियल एवं कमर्शियल जोन बनने से बढ़ेगा आवागमन
एक ओर जहां आवासीय व कमर्शियल जोन स्थापित होने से यहां पर लोगों का आवागमन ज्यादा रहेगा, वहीं, गंगा एक्सप्रेसवे से सफर करने वालों का भी यहां पर ठहराव होगा। ऐसे में हापुड़ के साथ ही बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली व हरियाणा के लोगों का आवागमन जिले में दोनों इटरचेंज से होगा।
इसका लाभ यहां पर कारोबारी क्षेत्र को विकसित करके उठाया जा सकेगा। इससे नोएडा-गाजियाबाद के साथ ही दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भी वाहनों का दबाव कम किया जा सकेगा।
इससे औद्योगिक और आवासीय योजनाओं के साथ ही कारोबार-पर्यटन के क्षेत्र में लाभ मिलने का अनुमान है। उद्योगों के वाहनों का ज्यादातर आवागमन गंगा एक्सपेसवे से कराने की योजना तैयार की जा रही है। जिससे अन्य सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव नियंत्रित किया जा सके।
नोएडा की तर्ज पर विकास करने की प्लानिंग
पिलखुवा-हापुड़ विकास प्राधिकरण का फोकस इस पूरे क्षेत्र को नोएडा की तर्ज पर विकसित करने का है, जहां औद्योगिक, आवासीय और कमर्शियल गतिविधियों का संतुलित मिश्रण हो। इसके लिए बड़े पैमाने पर जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।
इंटरचेंज के आसपास हाईराइज आवासीय योजनाएं लाने की तैयारी है, जिससे यहां रहने वाले लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें और क्षेत्र में स्थायी आबादी भी विकसित हो। अधिकारियों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में यातायात और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
हापुड़ के इन दोनों इंटरचेंज से न केवल जिले के लोग, बल्कि गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, हरियाणा और बुलंदशहर के यात्रियों का भी आवागमन रहेगा। ऐसे में होटल और बाजार जैसी सुविधाएं इस क्षेत्र को एक प्रमुख ठहराव स्थल बना सकती हैं।
औद्योगिक इकाइयां भी स्थापित की जाएंगी
इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों को भी यहां स्थापित करने की योजना है, ताकि माल ढुलाई और लाॅजिस्टिक्स को एक्सप्रेसवे के माध्यम से सुगम बनाया जा सके। उद्योगों के वाहन संचालन को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की रणनीति पर भी काम चल रहा है, जिससे अन्य प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव कम किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल हापुड़ के आर्थिक परिदृश्य को बदल सकती है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों को सीधा लाभ होगा।
आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाले ये क्षेत्र जिले की पहचान को एक नए आयाम तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे का संचालन आरंभ होते ही इस क्षेत्र में विकास की बयार बहेगी। एक ओर जहां औद्योगिक और आवासीय सेक्टर को विकसित किया जा रहा है, वहीं इंटरचेंज के बाद बाजार व होटल बनाए जाने प्रस्तावित हैं। दोनों इंटरचेंज पर एक-एक शॉपिंग माॅल भी बनवाया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर विकास होगा। इसका लाभ आमजन को मिल सकेगा।
- राकेश मोगा- सेक्टर प्रभारी- यूपीडा
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