गन्ना किसानों के लिए राहत की खबर: 15 अक्टूबर तक मिलेगा 100 करोड़ का बकाया भुगतान, ये है पूरा प्लान
हापुड़ में गन्ना किसानों के 203.42 करोड़ रुपये बकाया हैं। जिला प्रशासन ने सिंभावली और बृजनाथपुर चीनी मिलों पर सख्ती ...और पढ़ें

बैठक में लिया गया बड़ा निर्णय।
जागरण संवाददाता, हापुड़। गन्ना किसानों के करोड़ों रुपये के बकाया भुगतान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। बैठक में जिले की सिंभावली और बृजनाथपुर चीनी मिलों पर किसानों के करीब 203.42 करोड़ रुपये के बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान को लेकर मंथन हुआ।
कोर्ट द्वारा नियुक्त आइआरपी अनुराग गोयल ने बैठक में भरोसा दिलाया कि चीनी और अन्य सह-उत्पादों की बिक्री से मिलने वाली रकम से करीब सौ करोड़ रुपये का भुगतान 15 अक्टूबर 2026 तक किसानों को करने का प्रयास किया जाएगा।
शेष करीब सौ करोड़ रुपये का भुगतान आगामी पेराई सत्र में उत्पादित चीनी की बिक्री से किए जाने की बात कही गई। बैठक में विधायक धर्मेश तोमर और विजयपाल आढ़ती ने किसानों के बकाया भुगतान में देरी पर नाराजगी जताई और आइआरपी को भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
दोनों विधायकों ने आगामी पेराई सत्र में दोनों चीनी मिलों को समय से संचालित कराने पर भी जोर दिया। आईआरपी ने बताया कि सिंभावली और बृजनाथपुर चीनी मिलों का रिपेयर एवं मेंटीनेंस कार्य करीब दस अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके बाद दोनों मिलों को 15 से 20 अक्टूबर के बीच संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। इससे किसानों को आगामी पेराई सत्र में राहत मिलने की उम्मीद है।
टेकओवर के बाद किसानों को पहले मिलेगा पैसा
बैठक में सिंभावली ग्रुप की तीनों चीनी मिलों के टेकओवर की प्रक्रिया भी सामने रखी गई। आइआरपी ने बताया कि सीओसी की ओर से फार्म-जी जारी किया जा चुका है।
संभावित समाधान आवेदकों के लिए आठ सितंबर तक आमंत्रण, 16 सितंबर को अनंतिम सूची, 21 सितंबर तक आपत्तियां और 30 सितंबर को अंतिम सूची जारी करने का कार्यक्रम है। इसके बाद एक अक्टूबर को सूचना ज्ञापन, मूल्यांकन मैट्रिक्स और समाधान योजना के अनुरोध की प्रक्रिया शुरू होगी।
समाधान योजनाएं जमा करने की अंतिम तिथि पांच नवंबर 2026 निर्धारित है। टेकओवर के बाद समाधान योजना के तहत सबसे पहले गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान किया जाएगा। इसके बाद ट्रांसपोर्टर और अन्य देनदारों का भुगतान होगा, जबकि बैंकों का भुगतान सबसे अंत में किए जाने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी कविता मीना, जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह, आइआरपी अनुराग गोयल तथा दोनों चीनी मिलों के मुख्य महाप्रबंधक करन सिंह और परमिंदर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
