स्कूल बस मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी, पुराने वाहन स्क्रैप कराने पर 10 साल तक 100% टैक्स फ्री और ब्याज में छूट
हापुड़ में स्कूल प्रबंधकों की बैठक में परिवहन विभाग ने 'परिवर्तन योजना' की जानकारी दी, जिसका उद्देश्य पुराने वाहनों को हटाकर एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करना है।

बैठक में दी गई जानकारी।
HighLights
हापुड़ में स्कूल प्रबंधकों को परिवर्तन योजना की जानकारी दी गई।
पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नए स्वच्छ ईंधन वाले वाहन अपनाएं।
योजना से एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
जागरण संवाददाता, हापुड़। एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने और पुराने एवं अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क से हटाने के लिए संचालित परिवर्तन योजना को लेकर बुधवार को स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों की बैठक आयोजित की गई।
मेरठ रोड स्थित दीप उत्सव मंडप में हुई बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्कूल संचालकों को योजना के प्रावधानों और मिलने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
अधिकारियों ने पात्र पुराने वाहनों को योजना के तहत स्क्रैप कराने और उनके स्थान पर नए स्वच्छ ईंधन वाले वाहन अपनाने के लिए प्रेरित किया। बैठक की अध्यक्षता सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) हापुड़ छवि सिंह चौहान ने की।
किस उद्देश्य से लागू हुई परिवर्तन योजना
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग की नाजनीन, कार्यवाहक जिला विद्यालय निरीक्षक शैलेंद्र, प्रधान सहायक रामआसरे तिवारी, उर्दू अनुवादक एवं सह-प्रधान सहायक नदीम सुब्हानी, उर्दू अनुवादक एवं सह-प्रधान सहायक शाहिद आफाक समेत 35 से अधिक विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से परिवर्तन योजना लागू की गई है।
योजना के तहत पुराने और अधिक प्रदूषणकारी वाहनों को हटाकर बीएस-छह, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य एनसीआर में स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है।
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
योजना का लाभ एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत बीएस-एक, बीएस-दो, बीएस-तीन और बीएस-चार उत्सर्जन मानक वाले पात्र ट्रक एवं बसों के स्वामियों को मिलेगा।
बीएस-तीन अथवा इससे पुराने वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) में स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। वहीं बीएस-चार वाहनों को आरवीएसएफ में स्क्रैप कराने अथवा एनसीआर से बाहर किसी गैर-एनसीआर क्षेत्र में बेचने का विकल्प दिया गया है।
योजना के तहत पुराने वाहन के स्थान पर खरीदा जाने वाला नया अथवा प्रयुक्त वाहन बीएस-छह या इलेक्ट्रिक होना जरूरी है। साथ ही नए वाहन का पंजीकरण एनसीआर क्षेत्र में ही कराया जाना होगा।
संबंधित पोर्टल पर कराएं पंजीकरण
योजना की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद नया वाहन खरीदने पर आगामी दस वर्षों के देय कर एवं शुल्क में सौ प्रतिशत छूट का प्रावधान है। वाहन लोन के माध्यम से खरीदा जाता है तो ब्याज में भी पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी।
डीजल और सीएनजी वाहनों के लिए मासिक फ्यूल वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है।
स्कूल संचालकों को योजना के इन प्रावधानों का लाभ उठाने के लिए पात्र वाहनों का संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण कराने की जानकारी दी गई।
स्कूल संचालकों ने पुराने वाहन स्क्रैप कराने का दिया भरोसा
बैठक में रायल पब्लिक स्कूल, एचआरएम पब्लिक स्कूल, डीएम पब्लिक स्कूल, बतहेसदा एकाडेमी, डीपीएस स्कूल, एवीडीपी स्कूल, रैनबो पब्लिक स्कूल, श्री सरस्वती विद्या निकेतन और हैरीटेज स्कूल समेत अन्य विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।
स्कूल संचालकों ने बताया कि उनके संस्थानों में ऐसे वाहन हैं, जिनकी निर्धारित आयु पूरी होने वाली है और जो योजना के तहत पात्र हो सकते हैं। उन्होंने संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण कराने और पात्र वाहनों को योजना के अनुसार स्क्रैप कराने का आश्वासन दिया।
परिवहन विभाग की ओर से स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को योजना से संबंधित प्रपत्र भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि विद्यालयों की ओर से पुराने वाहनों को हटाकर नए मानक वाले वाहनों को अपनाने से न केवल परिवहन व्यवस्था सुरक्षित होगी, बल्कि एनसीआर के वायु प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी।
