हापुड़, जागरण संवाददाता। रेल संचालन के दूसरे दिन रेलवे स्टेशन पर निर्धारित की गईं पांचों ट्रेन आकर रुकीं। ट्रेनों से आने और जाने वाले यात्रियों की व्यवस्था करने के में रेलवे के पसीने छूट गए। रेलवे पिछले कई दिनों से व्यवस्था करने में जुटे हुए थे। प्रतिदिन अधिकारी युद्ध स्तर पर योजनाएं बनाई गई थीं। व्यवस्था कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग, जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे प्रशासन जुटा रहा।

ट्रेन आने के बाद यात्रियों को शारीरिक दूरी का पालन कराते हुए उतारा और चढ़ाया गया। यात्रियों को एक ही गेट से स्टेशन में प्रवेश कराया गया और एक अलग गेट से उतरने वाले यात्रियों को स्टेशन से निकास कराया गया। लेकिन आने वाले दिनों में जब और ट्रेनों का संचालन बढ़ जाएगा तो उस समय शारीरिक दूरी का पालन कराना रेलवे प्रशासन के लिए चुनौती भरा होगा। आमतौर पर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन तीन हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन रहता है। ऐसे में सभी यात्रियों को शारीरिक दूरी का पालन कराना मुश्किल साबित होगा। वहीं दिल्ली तक जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होने के बाद स्टेशन पर आने वाले दैनिक यात्रियों द्वारा शारीरिक दूरी का पालन कराना भी कठिन रहेगा।

ट्रेन के अंदर भी शारीरिक दूरी का पालन कराना चुनौती

पूर्ण रूप से ट्रेनों का संचालन होने के बाद संभवत: ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ भी बढ़ेगी। जिसके बाद ट्रेनों में भी शारीरिक दूरी का पालन करना रेलवे प्रशासन के लिए एक चुनौती भरा होगा। क्योंकि प्रतिदिन हजारों दैनिक यात्री दिल्ली गाजियाबाद नौकरी जाने के लिए सफर रहते हैं। ऐसे में रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और जीआरपी का कार्य बढ़ जाएगा।

Posted By: Nitin Arora

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