6 पन्नों के सुसाइड नोट लिखी मन की पीड़ा, सिपाही ने थाने में खुद को मारी गोली; मचा हड़कंप
हापुड़ के धौलाना थाने में रविवार सुबह एक सिपाही आशीष कुमार ने अपनी सरकारी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ...और पढ़ें
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सिपाही का फाइल फोटो। AI जनरेटेड
HighLights
सिपाही आशीष कुमार ने सरकारी राइफल से आत्महत्या की।
छह पन्नों के नोट में डिप्रेशन और मानसिक परेशानी का जिक्र।
पुलिस आत्महत्या के सभी संभावित कारणों की गहनता से जांच कर रही है।
जागरण संवाददाता, धौलाना (हापुड़)। हापुड़ के धौलाना थाने में रविवार सुबह पहरा ड्यूटी पर तैनात सिपाही ने अपनी ही सरकारी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। करीब 11:30 बजे गोली चलने की आवाज से थाना परिसर में हड़कंप मच गया।
वहीं, साथी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो सिपाही आशीष कुमार जमीन पर पड़ा था और पास में उसकी सरकारी राइफल व बेयोनेट पड़ा था। पुलिसकर्मी उसे तत्काल पिलखुवा स्थित रामा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक आगरा की फतेहाबाद तहसील के निबोहरा थाना क्षेत्र के गांव हीरापुरा का रहने वाला था और 2025 बैच का आरक्षी था।
खुद को गोली मारी
पुलिस के अनुसार, आशीष काे 24 अप्रैल को स्थानांतरण के बाद धौलाना थाने में तैनाती हुई थी। रविवार सुबह उसकी पहरा ड्यूटी थी। इसी दौरान वह फोन पर किसी से बात कर रहा था। फोन कटने के कुछ देर बाद उसने सर्विस राइफल की नाल गले पर रखकर खुद को गोली मार ली।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी थाने पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। मृतक के पास से छह पन्नों का हस्तलिखित नोट भी मिला है।

अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर के अनुसार, सुसाइड नोट में आशीष ने खुद को डिप्रेशन समेत कुछ मानसिक परेशानियों से जूझने और पूर्व में उसका इलाज कराने का उल्लेख किया है। नोट में कई स्थानों पर थानाध्यक्ष और सहकर्मियों की प्रशंसा भी की गई है। पुलिस ने नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की बात कही है।
15 दिन की छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटा
कम बोलता था और शांत रहता था। हालांकि वह ऐसा कदम उठा सकता है, इसका किसी को अंदाजा नहीं था। वह दो दिन पहले ही 15 दिन की छुट्टी बिताकर गांव से ड्यूटी पर लौटा था। घर से लौटने के महज 48 घंटे बाद हुई घटना ने साथी पुलिसकर्मियों को भी झकझोर दिया।
पुलिस ने स्वजन को सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराया और इसके बाद शव स्वजन को सौंप दिया। पुलिस आत्महत्या के सभी संभावित कारणों की गहनता से जांच कर रही है।
एएसपी बोले, नहीं थी आशीष के डिप्रेशन की जानकारी
अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया कि सिपाही आशीष कुमार के छह पन्नों के हस्तलिखित नोट में डिप्रेशन और मानसिक परेशानी से जूझने और पूर्व में इलाज कराने का उल्लेख है। हालांकि पुलिस को उसके डिप्रेशन में होने की जानकारी नहीं थी।
सहकर्मियों के अनुसार, आशीष कम बोलता था और शांत रहता था। नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। पुलिस आत्महत्या के सभी संभावित कारणों और घटना से जुड़े बिंदुओं की गहनता से जांच कर रही है।
ऐसे करें डिप्रेशन से बचाव
- मन में लगातार तनाव, उदासी या निराशा महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें
- परिवार के सदस्यों, मित्रों या भरोसेमंद व्यक्ति से खुलकर अपनी परेशानी साझा करें
- नियमित नींद, संतुलित खानपान और रोजाना शारीरिक व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें
- नशे और अत्यधिक शराब से दूरी बनाएं
- लंबे समय तक लक्षण बने रहें तो मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक से सलाह लें
- यदि आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार आएं तो व्यक्ति को अकेला न छोड़ें और तुरंत नजदीकी अस्पताल या आपातकालीन सेवा से मदद लें
