थाने के गेट पर लगा 'दलालों की No Entry' का बोर्ड, अब गढ़मुक्तेश्वर में फरियादियों की सीधी होगी सुनवाई
गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में अब पुलिस और फरियादियों के बीच बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर दी गई है। पुलिस ने 'दलालों ...और पढ़ें
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थाने के गेट पर लगा 'दलालों की No Entry' का बोर्ड, अब गढ़मुक्तेश्वर में फरियादियों की सीधी होगी सुनवाई
HighLights
गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में बिचौलियों की भूमिका पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया।
फरियादियों को अपनी शिकायत सीधे पुलिस के पास लाने को कहा।
पुलिस का उद्देश्य सीधा संवाद और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
केशव त्यागी, हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में अब पुलिस और फरियादियों के बीच बिचौलियों की भूमिका नहीं चलेगी। कोतवाली परिसर में ‘दलालों की नो एंट्री’ का बोर्ड लगाकर पुलिस ने अपना संदेश साफ कर दिया है।
फरियादियों से कहा गया है कि वह अपनी शिकायत लेकर सीधे पुलिस के पास आएं और किसी बिचौलिए के माध्यम से काम कराने का प्रयास न करें। कोतवाली में लगाए गए बोर्ड ने लोगों का ध्यान खींचा है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता की समस्या सीधे सुनी जाएगी और मामले के तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी शिकायत के निस्तारण के लिए फरियादी को किसी व्यक्ति की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।
पुलिस का कहना है कि कई बार लोग अपनी शिकायत के समाधान के लिए बिचौलियों का सहारा लेते हैं। इससे शिकायतकर्ता और पुलिस के बीच सीधा संवाद प्रभावित होने के साथ अनावश्यक भ्रम की स्थिति बन सकती है। इसी को देखते हुए थाने में बिचौलियों की भूमिका को स्वीकार नहीं करने का संदेश दिया गया है।
सीधे आएं, अपनी बात बताएं
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी के माध्यम से शिकायत पहुंचाने के बजाय स्वयं थाने आएं और अपनी समस्या बताएं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
क्या बोले जिम्मेदार?
गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि फरियादियों और पुलिस के बीच किसी बिचौलिए की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी। लोग अपनी शिकायत लेकर सीधे थाने आएं। उनकी समस्या सुनी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
