PAN कार्ड का गलत इस्तेमाल कर ₹7.5 करोड़ का फर्जी GST लेनदेन, हापुड़ में फर्जी फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज
हापुड़ में पैन नंबर का कथित दुरुपयोग कर फर्जी फर्म के माध्यम से करीब 7.5 करोड़ रुपये के जीएसटी लेन-देन की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
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7.5 करोड़ रुपये के जीएसटी लेनदेन किए जाने का मामला सामने आया। जनरेटेड
HighLights
हापुड़ में पैन नंबर के दुरुपयोग से 7.5 करोड़ का जीएसटी घोटाला।
विशाल गौड़ की शिकायत पर फर्जी फर्म पर मुकदमा दर्ज किया गया।
दिल्ली की जिल एंटरप्राइजेज फर्म द्वारा धोखाधड़ी का आरोप है।
जागरण संवाददाता, हापुड़। हापुड़ में पैन नंबर का कथित दुरुपयोग कर फर्जी फर्म के माध्यम से करीब 7.5 करोड़ रुपये के जीएसटी लेनदेन किए जाने का मामला सामने आया है।
हापुड़ निवासी विशाल गौड़ की शिकायत पर हापुड़नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके पैन नंबर का इस्तेमाल कर दिल्ली के शकरपुर में जिल एंटरप्राइजेज नाम से फर्म बनाई गई और उसके माध्यम से ऐसे लेनदेन किए गए, जिनसे उसका कोई संबंध नहीं है। मामले की जांच उपनिरीक्षक शशांक सिंह को सौंपी गई है।
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता विशाल गौड़ की हापुड़ के श्रीनगर में अनन्या ट्रेडिंग कंपनी नाम से फर्म है और वह उसके एकमात्र स्वामी हैं।
उनका कहना है कि वर्ष 2020 में उन्हें जानकारी हुई कि उनके पैन नंबर का इस्तेमाल कर किसी अज्ञात व्यक्ति ने शकरपुर, दिल्ली में जिल एंटरप्राइजेज नाम से दूसरी फर्म बनाई है।
6 अक्टूबर 2020 को अवगत कराया
उन्होंने आरोप लगाया कि इसकी जानकारी मिलने के बाद संबंधित जीएसटी कार्यालय को 6 अक्टूबर 2020 और फिर 28 जनवरी 2022 को अवगत कराया गया, लेकिन उनके अनुसार तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब 26 जून 2025 को आयकर विभाग की ओर से पैन नंबर पर हुए करीब 7.5 करोड़ रुपये के कथित अनधिकृत लेनदेन को लेकर धारा 148 के तहत नोटिस जारी किया गया।
शिकायत में बताया गया है कि इस मामले में करीब 73 लाख रुपये की रिकवरी निकाली गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि ये सभी लेनदेन कथित फर्जी फर्म के माध्यम से किए गए थे।
शिकायतकर्ता ने इसके बाद 24 जुलाई 2025 को थाना शकरपुर, 2 अगस्त 2025 को उपायुक्त, पूर्वी दिल्ली तथा 2 अगस्त 2025 को आर्थिक अपराध शाखा, नई दिल्ली में भी शिकायत किए जाने का उल्लेख किया है। शिकायत के अनुसार, बाद में प्रकरण की जांच को लेकर विभिन्न विभागों के बीच पत्राचार हुआ।
अब हापुड़नगर पुलिस ने मामले में एफआईआर संख्या 0575/2026 दर्ज की है। एफआईआर 2 अक्टूबर 2026 को शाम 6:53 बजे दर्ज हुई और इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) लगाई गई है। पुलिस ने मामले की विवेचना उपनिरीक्षक शशांक सिंह को सौंपी है।
बड़ा सवाल
शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2020 में पैन के कथित दुरुपयोग की जानकारी संबंधित विभागों को दिए जाने के बावजूद कथित लेनदेन कई वर्षों तक कैसे चलते रहे और करोड़ों रुपये के लेनदेन का जिम्मेदार कौन है। जांच में इन बिंदुओं पर भी स्थिति स्पष्ट होगी।
