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हापुड़ में प्रतिबंध के बावजूद गंगा में बोट लेकर पहुंचा नाविक, बीच धार में खत्म हुआ तेल; चार घंटे बाद बची जान

Published: Wed, 09 Sep 2026 06:11 PM (GMT+05:30)

हापुड़ के ब्रजघाट में एक नाविक की लापरवाही से गंगा नदी में मोटरबोट का तेल खत्म हो गया। इससे तीन ...और पढ़ें

तीर्थ नगरी ब्रजघाट में नाविक की लापरवाही और मनमानी के कारण मंगलवार देर रात तीन श्रद्धालुओं की जान आफत में पड़ गई। बीच नदी में तेल खत्म होने से हड़कंप मच गया।

तीर्थ नगरी ब्रजघाट में नाविक की लापरवाही और मनमानी के कारण मंगलवार देर रात तीन श्रद्धालुओं की जान आफत में पड़ गई। बीच नदी में तेल खत्म होने से हड़कंप मच गया।

HighLights

  1. ब्रजघाट में नाविक की लापरवाही से श्रद्धालु फंसे।

  2. गंगा में मोटरबोट का तेल खत्म, चार घंटे बहे।

  3. पुलिस ने तीन श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

जागरण संवाददाता, ब्रजघाट (हापुड़)। तीर्थ नगरी ब्रजघाट में नाविक की लापरवाही और मनमानी के कारण मंगलवार देर रात तीन श्रद्धालुओं की जान आफत में पड़ गई। गंगा के तेज बहाव और घने अंधेरे के बीच मोटर बोट का ईंधन (तेल) खत्म हो गया, जिससे बोट श्रद्धालुओं समेत नदी में बहने लगी। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्रशासन ने आरोपी नाविक को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है।

प्रतिबंध के बावजूद ले गया नाविक

गंगा में वर्तमान में बाढ़ के हालात बने हुए हैं और जलस्तर खतरे के निशान से महज 18 सेंटीमीटर नीचे है। सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा में नाव या मोटर बोट के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा रखी है।

इसके बावजूद मंगलवार देर शाम राजस्थान से अस्थि विसर्जन करने आए श्रद्धालुओं को एक स्थानीय नाविक ने बातों में उलझा लिया और बैरिकेडिंग की जगह गंगा के बीचों-बीच जाकर विसर्जन करने की सलाह दी।

तेल खत्म होने से तेज बहाव में बही बोट

जैसे ही श्रद्धालु मोटर बोट में सवार होकर गंगा के मध्य पहुंचे, अचानक बोट का तेल खत्म हो गया। तेज बहाव और घने अंधेरे के बीच बोट अनियंत्रित होकर बहने लगी। नेटवर्क की समस्या और पानी की रफ्तार तेज होने के कारण श्रद्धालु काफी देर तक फंसे रहे। बहते-बहते मोटर बोट हापुड़ से सीमा पार कर पड़ोसी जनपद अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र स्थित वली गांव के पास तक पहुंच गई।

4 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, नाविक गिरफ्तार

किसी तरह एक श्रद्धालु का फोन लग पाया और उसने अपने परिचित को घटना की जानकारी दी। परिचित की सूचना पर हरकत में आई हापुड़ पुलिस ने तलाश शुरू की और देर रात करीब 1 बजे (लगभग 4 घंटे बाद) श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।

हालांकि, इस पूरी घटना से उच्च प्रशासनिक अधिकारी बेखबर रहे। घटना के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने आरोपी मोटर बोट संचालक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।