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बदनौली हत्याकांड: मांगें नहीं मानीं तो हापुड़ में होगी दलित समाज की महापंचायत

Published: Mon, 14 Sep 2026 06:12 PM (IST)

हापुड़ के बदनौली कांड में पुलिस की सख्ती के बावजूद युवा शक्ति दल के अध्यक्ष रवि गौतम पीड़ित परिवार से ...और पढ़ें

बदनौली हत्याकांड।

बदनौली हत्याकांड।

HighLights

  1. रवि गौतम ने पुलिस को चकमा देकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की।

  2. मांगें न मानने पर हापुड़ में महापंचायत की चेतावनी दी गई।

  3. आरोपितों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग उठाई गई।

जागरण संवाददाता, हापुड़। हापुड़ के बदनौली कांड में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद विरोध के स्वर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

शनिवार को पुलिस की निगरानी और सख्ती को धता बताते हुए युवा शक्ति दल के अध्यक्ष रवि गौतम बदनौली पहुंच गए। पुलिस टीम को चकमा देकर पिलखुवा टोल से गांवों के रास्ते वह गांव पहुंचे अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया।

उन्होंने साफ कहा कि यदि परिवार की मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया तो हापुड़ में दलित समाज की महापंचायत आयोजित कर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

खेतों से होकर पहुंचे

पुलिस ने रवि गौतम को रोकने के लिए छिजारसी टोल प्लाजा पर घेराबंदी की हुई थी। पुलिस ने उनकी कार को रोक लिया। इस दौरान साइड में रुकने की बात कहकर रवि गौतम कार से उतरे और खेतों के रास्ते भाग निकले। वह गांवों के रास्तों से होकर खेतों से होकर पीड़ित परिवार के घर पर पहुंच गए।

बदनौली पहुंचने की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। इस दौरान युवा शक्ति दल के अध्यक्ष रवि गौतम ने पुलिस-प्रशासन के साथ सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में जातिगत आधार पर भेदभाव किया जा रहा है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग

उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग उठाई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आरोपितों को सरेंडर करने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित होने तक समाज पीछे हटने वाला नहीं है।

महापंचायत की चेतावनी ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। पहले से संवेदनशील बने माहौल में अब सामाजिक संगठनों के सक्रिय होने से पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ दोनों पक्षों को लेकर संतुलित कार्रवाई की चुनौती भी खड़ी हो गई है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

इन मांगों पर की जाए कार्रवाई

  • आरोपितों के घर पर बुलडोजर चलाया जाए
  • वारदात में प्रयुक्त अवैध हथियारों को बरामद कराया जाए
  • फरार आरोपितों को मुठभेड़ करके गिरफ्तार जाए
  • पीड़ित परिवार को दस बीघा जमीन और सरकारी आवास दिया जाए
  • पीड़ित परिवार को शस्त्र लाइसेंस दिया जाए
  • मृतक के स्वजन को पांच करोड़ का मुआवजा दिया जाए