हापुड़ में मिलावटखोरों पर बड़ा एक्शन, मोदीनगर रोड की फैक्ट्री से 9 क्विंटल नकली देसी घी और पाम ऑयल सीज
खाद्य सुरक्षा विभाग ने हापुड़ में मोदी नगर रोड स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर लगभग 9 क्विंटल मिलावटी देसी ...और पढ़ें

हापुड़ में पकड़ा गया नकली देसी घी। फोटो: जागरण
HighLights
हापुड़ में मिलावटी घी फैक्ट्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा।
लगभग 9 क्विंटल मिलावटी देसी घी और पाम आयल जब्त।
अस्वच्छ परिस्थितियों और दूध खरीद रिकॉर्ड न होने पर नोटिस।
जागरण संवाददाता, हापुड़। जिले में मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। पनीर, क्रीम, शहद और मावे के साथ ही अब देसी घी भी मिलावटी मिला है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे मोदी नगर रोड स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब नौ क्विंटल तैयार मिलावटी देसी घी सीज किया।
मौके पर रिफाइंड पाम आयल और क्रीम भी मिले हैं। प्राथमिक निरीक्षण में प्रोसेसिंग एरिया से लेकर भंडारण तक में गंदगी फैली मिली। घी को नान फूड ग्रेड प्लास्टिक ड्रमों में रखा गया था।
फैक्ट्री से 892 किलो तैयार घी सीज
जिलाधिकारी कविता मीना के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में टीम ने रात करीब 10 बजे ग्राम अब्दुल्लापुर बसंत उर्फ फरीदपुर गोयना, मोदी नगर रोड स्थित मैसर्स श्रेष्ठा फूड प्रोडक्ट्स का निरीक्षण किया।
परिसर में करीब 892 किलोग्राम तैयार देसी घी, एक टिन रिफाइंड पाम आयल और 30 किलोग्राम क्रीम मिली। वहां घी तैयार करने के उपकरण भी मौजूद थे।
पाम आयल की मौजूदगी से गहराया संदेह
परिसर में पाम आयल और क्रीम मिलने से घी के मिलावटी होने की आशंका है। इसके चलते टीम ने घी के दो, रिफाइंड पाम आयल का एक और क्रीम का एक नमूना लेकर जांच के लिए सील किया है।
विभाग ने 5.35 लाख रुपये मूल्य का करीब 890 किलोग्राम तैयार देसी घी और शेष 14 लीटर रिफाइंड पाम आयल जब्त कर नियमानुसार सीज कर दिया है।
गंदगी के बीच हो रही थी प्रोसेसिंग
निरीक्षण के दौरान घी बनाने के उपकरणों, भंडारण के बर्तनों और प्रोसेसिंग क्षेत्र में गंदगी फैली मिली। घी को खाद्य पदार्थों के भंडारण के लिए अनुपयुक्त नान फूड ग्रेड प्लास्टिक ड्रमों में रखा गया था।
विभाग की ओर से अस्वच्छ परिस्थितियों में सुधार के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अब नमूनों की प्रयोगशाला जांच से घी की गुणवत्ता और उसमें मिलावट की स्थिति स्पष्ट होगी।
यूनिट के मालिक का दावा था कि उसने घी को दूध से तैयार किया है। वह नियमानुसार दूध से क्रीम निकालकर घी तैयार करता है।
इसके बाद टीम ने उससे परिसर में रिफाइंड पाम आयल रखा होने का कारण पूछा, जिसका उत्तर वह नहीं दे सका। वहीं उससे दूध खरीद का रिकॉर्ड मांगा गया।
यह भी पूछा गया कि दूध कहां से खरीदता है, लेकिन इसका रिकॉर्ड यूनिट के संचालक के पास उपलब्ध नहीं था। वहीं घी की बिक्री का रिकॉर्ड तो उपलब्ध मिला, लेकिन दूध का बिल भुगतान करने का कोई तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो सका।
जिसके चलते माल को सील करके सैंपल जांच को भेजे गए हैं। वहीं आरोपी को नोटिस जारी किया गया है।
- चंद्रशेखर मिश्रा, उपायुक्त, खाद्य सुरक्षा।
