हापुड़ के हजारों बीघा जंगल में भरा गंगा का पानी, येलो अलर्ट की तरफ जलस्तर
पहाड़ों पर वर्षा से गढ़मुक्तेश्वर में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा है, जो येलो अलर्ट से मात्र 10 सेंटीमीटर नीचे ...और पढ़ें

हापुड़ में बढ़ा गंगा का जलस्तर।
HighLights
गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट से 10 सेमी नीचे।
नदी किनारे के गांवों के जंगल में जलभराव।
हजारों बीघा जमीन जलमग्न, कटान से ग्रामीण भयभीत।
संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ाें पर हो रही वर्षा के कारण गंगा के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी हो गई है। गंगा किनारे बसे गांवों के जंगल में जलभराव हो गया है तो कई स्थानों पर नीचे पड़े रास्तों पर पानी बहना शुरू हो गया है। गंगा का जलस्तर अब येलो अलर्ट से मात्र दस सेंटीमीटर नीचे रह गया है। गंगा ने एक बार फिर तेजी से कटान शुरू कर दिया है। इसके कारण ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो रही है।
गढ़मुक्तेश्वर स्थित गंगा के किनारे नयागांव इनायतपुर, अब्दुलापुर, कोथला, रामपुर न्यामतपुर, आलमगीरपुर, मोहम्मदपुर शाकरपुर, लठीरा, कृष्णावाली मंढैया, नयाबांस बख्तावरपुर, चक लठीरा, काकाठेर की मंढैया, लठीरा, गढ़ावली, गंगानगर आदि गांव बसे हुए हैं। पहाड़ों पर हो रही वर्षा के कारण गंगा के जलस्तर में एक सप्ताह बाद पुन: वृद्धि हो गई है। इससे कई गांवों के नजदीक तथा जंगल में जलभराव हो गया है।
बुधवार को गंगा जलस्तर एक बार 198. 65 मीटर तक पहुंचा
चकलठीरा के पास गांव के रास्ते पर जलभराव होने से यहां बुग्गी, ट्रैक्टर अथवा नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। लेकिन नाले के पास घास आदि होने के कारण नाव का संचालन नहीं हो पा रहा है। 13 अगस्त को गंगा का जलस्तर 198. 67 मीटर तक पहुंच गया था। इसके बाद गंगा का जलस्तर 16 अगस्त को घटकर 198. 51 मीटर तक पहुंच गया था। इस बीच बुधवार को गंगा जलस्तर एक बार 198. 65 मीटर तक पहुंच गया है।
इसके बाद गंगा किनारे बसे गांवों में एक बार फिर जलभराव हो गया है। वर्तमान में गंगा येलो अलर्ट से मात्र दस सेंटीमीटर नीचे रह गया है। वहीं हरिद्वार एवं बिजनौर बैराज से लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में और स्थिति विकट होने की संभावना बन रही है।
हजारों बीघा जमीन पर जलभराव
गंगा में ऊफान आने के बाद कई गांवों की हजारों बीघा जमीन में जलभराव हो गया है। अमरोहा के गांव गोपालपुर की मंढैया, काकाठेर की मंढैया, गढ़मुक्तेश्वर के चकलठीरा, गड़ावली, लठीरा आदि गांवों के जंगल में जलभराव होने के साथ ही आबादी के आसपास पानी पहुंच गया है। इससे लोगों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। लोगों को बाढ़ के पानी के साथ जलीय एवं जहरीले जीवों के आने का खतरा सताने लगा है।
कब कितना रहा जलस्तर
बुधवार - 198. 65 मीटर
येलो अलर्ट - 198.75 मीटर
खतरा निशान - 199.00 मीटर
रेड अलर्ट - 199.33 मीटर
हम लगातार जलस्तर की समीक्षा करते हुए गंगा किनारे के गांवों की निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। अभी स्थिति नियंत्रण में हैं। यदि थोड़ा और जलस्तर बढ़ा तो स्थिति में बदलाव हो जाएगा। - श्रीराम यादव, एसडीएम, श्रीराम यादव
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