गढ़मुक्तेश्वर में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा: येलो अलर्ट पार कर 198.82 मीटर पहुंची गंगा, गांवों में बढ़ा जलभराव
गढ़मुक्तेश्वर में गंगा का जलस्तर एक बार फिर येलो अलर्ट पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे गंगा किनारे के गांवों में बेचैनी बढ़ गई है।

गंगा किनारे गांवों पर बढ़ा बाढ़ का खतरा। जागरण
HighLights
गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट पार कर गया।
खतरे के निशान से मात्र 18 सेंटीमीटर नीचे।
गंगा किनारे के गांवों में पानी बढ़ना शुरू।
संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर(हापुड़)। एक पखवाड़े के अंदर ही गंगा ने एक बार फिर येलो अलर्ट को पार करके पुन: अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अब गंगा खतरे के निशान से मात्र 18 सेंटीमीटर नीचे रह गई है। इससे गंगा किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों में बेचैनी बढ़ गई है।
गंगा का पानी गांवों की तरफ बढ़ना शुरू हो गया है। पहले से ही जलभराव से जूझ रहे लोगों के सामने एक बार फिर मुसीबत खड़ी हो गई है। वहीं गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एक बार फिर निगरानी बढ़ा दी है।
पहाड़ों एवं मैदानी इलाकों में हुई वर्षा के बाद गंगा के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी हो गई। 22 अगस्त को गंगा का जलस्तर 198.92 मीटर तक पहुंच गया था, जिसके बाद गांवों के अंदर पानी घुंस गया था तो वहीं करीब दस हजार हेक्टेयर जमीन पर जलभराव होने के साथ ही गांव के रास्तों पर दो से पांच फिट तक पानी खड़ा हो गया था।
लोगों को लेना पड़ा ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा
जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। नगर में आवागमन करने के लिए लोगों के पास नाव के साथ ही ट्रैक्टर ट्रॉली का सहारा रह गया था।
फसलों में पानी भरने के बाद पशुओं का पेट भरने की मुसीबत खड़ी हो गई थी, जिसके बाद लोग गढ़मुक्तेश्वर के साथ ही बहादुरगढ़ एवं सिंभावली क्षेत्र में घास काटकर अपने पशुओं का पेट पाल रहे थे।
प्रशासन ने भी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गांवों में राहत सामग्री एवं भूसे का वितरण किया तथा लोगों के स्वास्थ्य को लेकर कैंप लगवाने के साथ ही दवाइयों का वितरण किया।
इस बीच दो दिन बाद गंगा के जलस्तर में गिरावट आनी शुरू हुई तो 31 अगस्त को गंगा का जलस्तर घटकर 198.25 रह गया था। इस दौरान बाढ़ का पानी गांव एवं रास्तों से निकलकर पुन: गंगा की तरफ जाने लगा था।
गंगा के पास के गांवों में पानी बढ़ना शुरू
लेकिन शुक्रवार की शाम से गंगा में एक बार फिर उफान आना शुरू हुआ तो लोगों की धड़कन बढ़ गई। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने के बाद मंगलवार को गंगा का जलस्तर एक बार फिर येलो अलर्ट 198.75 मीटर को पार करके 198.82 मीटर पर पहुंच गया है।
इसके कारण गंगा के आसपास बसे गांवों की तरफ गंगा का पानी बढ़ना शुरू हो गया है तो वहीं पुन: जंगलों में जलभराव हो गया है। गंगा अब खतरे के निशान 199.00 मीटर से मात्र 18 सेंटीमीटर दूर रह गई है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि गंगा के जलस्तर में बढोतरी हुई है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों की सुविधा के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं।
