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फर्जी डिग्रियों की जांच के लिए हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी पहुंची एटा पुलिस, 5 घंटे तक खंगाले रिकॉर्ड

Published: Wed, 30 Sep 2026 05:25 AM (IST)

एटा में फर्जी डिग्री मामले की जांच के लिए पुलिस की विशेष टीम हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी पहुंची। टीम ने ...और पढ़ें

मोनाड यूनीवर्सिटी का चित्र।

मोनाड यूनीवर्सिटी का चित्र। 

HighLights

  1. एटा पुलिस ने मोनाड यूनिवर्सिटी में पांच घंटे पूछताछ की।

  2. फर्जी मेडिकल कॉलेज से मिलीं मोनाड यूनिवर्सिटी की डिग्रियां।

  3. यूनिवर्सिटी प्रबंधन, प्रोफेसर व एडमिनिस्ट्रेशन से हुई पूछताछ।

जागरण संवाददाता, हापुड़। एटा जिले में पिछले सप्ताह पुलिस ने खेतों के बीच में चल रहे मेडिकल कालेज और यूनीवर्सिटी को पकड़ा था। दरअसल पुलिस एक अपहरण के मामले की जांच करते हुए वहां तक पहुंची थी। पुलिस को उक्त मेडिकल कालेज व यूनीवर्सिटी से बड़ी संख्या में फर्जी डिग्री और मार्कशीट मिली थीं।

यह मार्कशीट और डिग्री हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी की थीं। इस मामले की जांच के लिए मंगलवार दोपहर में एटा पुलिस की स्पेशल टीम हापुड़ मोनाड विश्वविद्यालय में पहुंची। यहां पर टीम ने प्रबंधन, प्रोफेसर व एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों से पांच घंटे तक पूछताछ की। टीम ने जांच के दौरान काफी रिकार्ड को कब्जे में लिया है।

किडनैपिंग की जांच से मोनाड यूनिवर्सिटी तक...

एटा जिले में फर्जी किडनैपिंग की जांच करते-करते पुलिस ऐसे ठिकाने तक पहुंच गई, जहां खेतों के बीच कथित मेडिकल कालेज और यूनिवर्सिटी चल रही थी। यहां से बरामद डिग्री और मार्कशीट ने मामले की कड़ी हापुड़ के मोनाड विश्वविद्यालय से जोड़ दी है।

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बरामद दस्तावेजों में बड़ी संख्या में मोनाड विश्वविद्यालय के नाम की डिग्री-मार्कशीट हैं। पुलिस को आशंका है कि इन दस्तावेजों में से ज्यादातर हापुड़ में तैयार किए गए थे। मामले की जांच के लिए संबंधित विभागों और शासन को भी पत्र भेजा जा रहा है। इस मामले को एसटीएफ को सौंपने की तैयारी है।

एटा जिले के मारहरा क्षेत्र के महमूदपुर नगरिया में सामने आए इस मामले में पुलिस ने कालेज प्रबंधक समेत पांच आरोपितों को पिछले सप्ताह ही पकड़ा है। जांच में सामने आया कि यहां छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता था और उनसे फीस वसूली जाती थी।

पुलिस को तैयार फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां भी मिली हैं। अब इन दस्तावेजों की सत्यता और उन्हें तैयार करने के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। इसी क्रम में पांच सदस्यीय टीम हापुड़ पहुंची। टीम ने यूनीवर्सिटी के पांच सदस्यों से पूछताछ की है।

पहले भी फर्जी डिग्री के आरोपों से घिरा रहा है मोनाड विश्वविद्यालय

इस मामले का हापुड़ कनेक्शन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मोनाड विश्वविद्यालय पहले से ही फर्जी डिग्री और मार्कशीट के मामले में जांच के घेरे में है। वर्ष 2025 में यूपी एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान विश्वविद्यालय परिसर से बड़ी संख्या में फर्जी डिग्री, मार्कशीट और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए थे। प्रशासन की पुन: जांच में भी एसटीएफ जांच के तथ्यों को सही पाया गया। इनकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।

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अब एटा में मोनाड विश्वविद्यालय के नाम की डिग्रियां मिलने से जांच की एक नई कड़ी जुड़ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन डिग्रियों का स्रोत क्या है, इन्हें किसने तैयार किया और खेत में चल रहे कथित फर्जी संस्थान तक मोनाड के नाम वाले दस्तावेज कैसे पहुंचे? इन सवालों के जवाब एटा और हापुड़ दोनों मामलों की जांच को नई दिशा दे सकते हैं।

एटा में पुलिस ने एक फर्जी प्रिटिंग प्रेस पकड़ी थी। उस पर प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्री-मार्कशीट मिली थीं। इसी क्रम में मोनाड यूनिवर्सिटी की डिग्री-मार्कशीट भी मिलीं थीं। इनकी जांच के लिए एटा पुलिस की टीम आज आई थी।

कई घंटे जांच के बाद टीम संतुष्ट होकर गई है कि हमारे यहां कोई गलत गतिविधि नहीं मिली है। हमारे यहां पर कोई फर्जी डिग्री-मार्कशीट तैयार नहीं हो रही है। - डॉ. एम जावेद - वीसी - मोनाड यूनिवर्सिटी।