प्रिस शर्मा, गढ़मुक्तेश्वर:

ऊर्जा निगम अपने कारनामों को लेकर अक्सर चर्चा में बना रहता है। कभी बिना कनेक्शन के ही बिजली का बिल तो कभी मृतक के नाम पर बिजली का बिल भेजने की लापरवाही सामने आती रही है। ऐसा ही मामला अब गढ़ क्षेत्र के गांव बदरखा के किसान को भेजे गए बिल में देखा गया है। जहां किसान द्वारा करीब 38 वर्ष पूर्व नलकूप का कनेक्शन कटवाए जाने के बाद भी विभाग द्वारा 21 लाख रुपये से अधिक का बिल भेज दिया गया है। विभाग द्वारा भेजे गए बिल को देखकर किसान का पुत्र अब अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहा है।

गांव निवासी किसान जसवंत सिंह ने बताया कि उसके पिता रघुवर सिंह के नाम पर एक नलकूप का कनेक्शन था। नलकूप का कार्य न होने के कारण उसके पिता ने करीब 38 वर्ष पूर्व कनेक्शन का संपूर्ण भुगतान जमा कराने के बाद कनेक्शन को कटवा दिया था। करीब 30 वर्ष पूर्व उसके पिता की मौत हो गई। पीड़ित ने बताया कि उसके पिता द्वारा कटवाए गए कनेक्शन को ऊर्जा निगम के अधिकारियों द्वारा नहीं काटा गया और निरंतर कनेक्शन चलता रहा। पीड़ित ने बताया कि अब विभाग ने उसके पिता के नाम पर नलकूप कनेक्शन के आधार पर उसके घर पर 21 लाख दो हजार 615 रुपये का बिल भेज दिया है। बिजली का बिल देख पीड़ित के स्वजन के होश उड़ गए।

पीड़ित का आरोप है कि 38 वर्ष पूर्व काटे गए कनेक्शन से अब तक उसके पास कोई बिल नहीं आया और न ही विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई जानकारी दी गई। बिजली का बिल देखकर पीड़ित अब अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उसकी कोई सुनवाई करने को तैयार नहीं है। इस संबंध में ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता केपी पूरी का कहना है कि उनको मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी कर जांच कराई जाएगी।

Posted By: Jagran

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