गौरव शर्मा, हापुड़ : रेल प्रशासन तीर्थ स्थल से होकर जाने वाली प्रत्येक रेलगाड़ी में बॉयो टॉयलेट बनाएगा, ताकि यात्रियों को गंदगी का सामना नहीं करना पड़े। इस व्यवस्था के अंतर्गत हापुड़ स्टेशन से संचालित होने वाली मसूरी एक्सप्रेस में भी बॉयो टॉयलेट बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेस में कूड़ेदान भी लगाए जाएंगे। फरवरी 2019 से इस एक्सप्रेस रेलगाड़ी में यह सुविधा यात्रियों को उपलब्ध कराई जाएगी। गंदगीमुक्त रेल लाइन और स्टेशन बनाने के लिए रेल प्रशासन ने विजन 2020 जारी किया है। इसके तहत रेल लाइन के किनारे फैलाई जा रही गंदगी को समाप्त किया जाएगा। पहले चरण में मुरादाबाद मंडल के प्रमुख तीर्थ स्थल वाले स्टेशनों का चयन किया गया है। इस स्थल पर जाने वाली रेलगाड़ियों के लिए ग्रीन कोरिडोर बनाया जाना है। इस योजना के अंतर्गत हरिद्वार, पुरी, रामेश्वरम, द्वारका, शिरड़ी आदि तीर्थ स्थानों की ओर जाने वाली प्रत्येक रेलगाड़ी के कोच में बॉयो टॉयलेट बनाने का प्रस्ताव है। बॉयो टॉयलेट नहीं होने वाली एक्सप्रेस रेलगाड़ियों का तीर्थ स्थल की ओर संचालन नहीं किया जाएगा।

रेलवे सूत्रों की मानें तो रेलगाड़ी के एक कोच में चार शौचालय होते हैं। हापुड़ स्टेशन से गुजरने वाली मसूरी एक्सप्रेस दिल्ली से हरिद्वार जाती है। इसके अलावा सप्ताह में दो दिन कटरा जाने वाली एक अन्य रेलगाड़ी भी हापुड़ से गुजरती है। इन दोनों एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में रेलवे प्रबंधन ने बॉयो टॉयलेट स्थापित करने की घोषणा की है। इन दोनों ही रेलगाड़ियों में कूड़ेदान रखे जाएंगे, ताकि यात्री उनमें ही कूड़ा डाले और रेलमार्ग और रेलवे स्टेशनों पर गंदगी नहीं होने पाए। क्या कहते हैं मंडल रेल प्रबंधक

तीर्थ स्थानों की ओर संचालित होने वाली रेलगाड़ियों के सभी कोच में बॉयो टॉयलेट और कूड़ेदान लगाया जाना प्रस्तावित है। वर्ष 2019 में तीर्थ स्थानों की ओर जाने वाली सभी रेलगाड़ियों में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश से गुजरने वाली रेलगाड़ियों में यह व्यवस्था लागू होगी। ----ए.के. ¨सघल, मंडल रेल प्रबंधक।

Posted By: Jagran

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