जागरण संवाददाता, हापुड़ : शिवलोक कालोनी निवासी द्वारा प्रॉपर्टी डीलर पर लगाए गए धोखाधड़ी से 52 लाख रुपये हड़पने और पर मारपीट करने के आरोप के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोबारा विवेचना करने का आदेश दिया है। इससे पहले कोतवाली पुलिस के एक जांच अधिकारी ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कोतवाली पुलिस को सक्षम अधिकारी से जांच कराकर न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।

शिवलोक कालोनी निवासी अजय कुमार शर्मा ने बताया कि उनके घर पर गांव नली हुसनैपुर निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर का आना-जाना था। कुछ वर्ष पहले उन्होंने प्रॉपर्टी डीलर को लगभग 52 लाख रुपये उधार दिए थे। रुपये लौटाने का निर्धारित समय बीत जाने के बाद उन्होंने प्रॉपर्टी डीलर से रुपये मांगे तो उसने उतने रुपये की कीमत की जमीन देने का आश्वासन दिया था। इसके बाद बार-बार रुपये लौटाने का तकाजा करने पर आरोपित ने उन्हें दो चेक थमा दिए। उन्होंने चेक अपने बैंक खाते में जमा किए तो वह बाउंस हो गए। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी।

पीड़ित का आरोप है कि 4 दिसंबर 2017 को प्रॉपर्टी डीलर जबरन उसके घर में घुस आया और तमंचा दिखाकर मुकदमा वापस लेने की धमकी दी। पीड़ित ने मुकदमा वापिस लेने से मना किया तो उसके साथ मारपीट की गई। इस मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी, मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। इसके बाद पुलिस के जांच अधिकारी ने जांच किए बिना ही इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस पर पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से गुहार लगाई। 20 अप्रैल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने कोतवाली पुलिस को आदेश दिए कि इस मामले की दोबारा किसी सक्षम अधिकारी से विवेचना कराकर न्यायालय को अवगत कराया जाए। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पंकज लवानिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा।

Posted By: Jagran

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