पश्चिमी UP में नया राजनीतिक समीकरण? जयंत चौधरी की खामोशी के बीच अखिलेश से मिले BKU लोकहित और लोकदल के प्रवक्ता
लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता हरीश हूण और अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की।

अखिलेश यादव से मिले हरीश हूण।
HighLights
हरीश हूण और चौधरी सुनील सिंह ने अखिलेश यादव से मुलाकात की।
आईएनडीआईए गठबंधन को मजबूत करने पर हुई विस्तृत चर्चा।
किसानों, युवाओं और आम जनता के मुद्दों पर विचार-विमर्श।
संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी समय में विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक समंवय को लेकर गतिविधियां तेज होने लगी हैं।
इसी क्रम में लोकदल एवं भारतीय किसान यूनियन लोकहित के राष्ट्रीय प्रवक्ता हरीश हूण ने लखनऊ में लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह के साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की।
इस दौरान प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के साथ ही किसानों, युवाओं, गरीबों और आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
हरीश हूण ने क्या बताया?
राष्ट्रीय प्रवक्ता हरीश हूण ने बताया कि प्रदेश में आईएनडीआईए गठबंधन को मजबूत करने तथा आगामी राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी दलों के बीच बेहतर समंवय स्थापित करने को लेकर चर्चा हुई।
नेताओं ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने तथा ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे में प्राथमिकता देने पर विचार किया।
इसके साथ ही बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। बैठक में कहा गया कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना जरूरी है।
गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मजबूत राजनीतिक आवाज तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
इस मायने में अहम है मुलाकात
राजनीतिक हरीश हूण और चौधरी सुनील सिंह ने अखिलेश यादव के साथ हुई मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश में मजबूत राजनीतिक एकजुटता के साथ आगे बढ़ने पर चर्चा की।
नेताओं के बीच गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल और जनहित से जुड़े मुद्दों को साझा मंच पर उठाने को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
किसान और ग्रामीण मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखते हुए विपक्षी दलों के बीच समंवय बढ़ाने की दिशा में इसे अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।
जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए सभी समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसानों और आम जनता के हितों के लिए राजनीतिक स्तर पर मजबूती से आवाज उठाई जाएगी।
यह भी पढ़ें- जयंत की 'गुर्जर' पर चुप्पी और अखिलेश का 'चवन्नी' वाला तंज; पश्चिमी यूपी में विरासत की लड़ाई में कौन पड़ेगा भारी?
