जागरण संवाददाता, हमीरपुर : बारिश तो बंद हो गई, लेकिन यमुना व बेतवा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दोनों नदियां खतरे के निशान से केवल तीन मीटर दूर हैं। वहीं सदर विधायक के गांव टिकरौली जाने के मार्ग में पांच फीट तक पानी भर गया है। इस कारण इसका मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है। जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो करीब 100 गांव इससे प्रभावित हो सकते हैं।

बेतवा का जलस्तर फिलहाल स्थिर है, लेकिन यमुना का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। बता दें कि मुख्यालय में ही इन दोनों नदियों का संगम होता है। इस कारण जब भी यमुना व बेतवा में से किसी एक का भी जलस्तर बढ़ता है तो इसका असर दोनों नदियों पर पड़ता है। वहीं, रविवार को माता टीला बांध से 3.35 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर मंगलवार की सुबह नौ बजे तक 101.070 तथा बेतवा 100.150 तक पहुंच गया है। हालांकि अभी यह खतरे के निशान से तीन मीटर दूर है। वहीं यमुना प्रति घंटा करीब तीन सेंटीमीटर के हिसाब से बढ़ रही है।

-----------------------

टिकरौली समेत कई गांव प्रभावित

सदर विधायक अशोक चंदेल के गांव टिकरौली का संपर्क मार्ग डूब गया है। इस मुख्य रास्ते में पांच फीट से ज्यादा पानी भर चुका है। इस कारण यहां के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। लोग नाव का सहारा ले रहे हैं तो कुछ इस मार्ग में भरे पानी में बाइक चलाकर जान जोखिम में डाल रहे हैं। यदि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो 20 गांवों की करीब 29 हजार 123 आबादी को परेशानी उठानी पड़ेगी। वहीं, कहिराहा नाले का निर्माण न होना भी जलभराव का मुख्य कारण है।

---------------

जलस्तर बढ़ने की जानकारी होने पर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया गया। बाढ़ चौकियां बढ़ाने के साथ विभागों को अलर्ट कर दिया गया है। हम किसी भी परिस्थिति से निपटने को तैयार हैं।

- आरपी पांडेय, जिलाधिकारी

Posted By: Jagran