संवाद सहयोगी, मौदहा : मध्यप्रदेश में हुई तेज बारिश के चलते केन नदी में बांधों से छोड़े गए पानी का असर तहसील क्षेत्र के तटवर्ती आधा दर्जन गांवों में पड़ने लगा है। बाढ़ के चलते किसानों की बोई गयी तिलहन फसल पूरी तरह जलमग्न होकर बरबाद हो गई है। वहीं बक्छा गांव के निकट बनी कुटी को केन नदी के पानी ने घेर रखा है।बीती देर रात से केन नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। वहीं इस नदी के किनारे तहसील क्षेत्र के खैर, बक्छा, भुलसी, छानी व इनके डेरे हैं। इस वर्ष जहां मार व काबर भूमि में बोई गयी फसल बारिस के चलते पहले ही बरबाद हो गई थी। वहीं केन नदी के किनारे सैकड़ा बीघे जमीन में बोई गई तिल की फसल ढालदार जमीन होने पर लहलहा रही थी। लेकिन शनिवार दिन से ही नदी का पानी लगातार बढने के साथ ही इन गांवों के निकट पानी फैल गया। हालांकि अभी तक आबादी के पास नदी का पानी नहीं पहुंच सका है। लेकिन इससे सैकड़ों बीघा की तिल की फसल जलमग्न होकर नष्ट हो रही है। केन के पानी का लगातार बढना जारी होने से ग्रामीणों में भी बाढ़ के खतरे की आशंका बनी है। बक्छा गांव के पूर्व प्रधान अजय ¨सह ने बताया कि गांव के निकट बनी मन्दिर व कुटिया को नदी के पानी ने घेर लिया है नदी के पानी का बढ़ना जारी है। सबसे अधिक क्षति तिलहन की फसल को हुई है। छानी गांव के प्रधान लाली ने बताया कि नदी का पानी आबादी से कुछ दूर पर है लेकिन अगर पानी बढ़ता रहा तो मेला मैदान तक पानी आने की संभावना है।

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