परियोजना पर अधिगृहित भूमि का गलत मूल्यांकन करने का आरोप

जागरण संवाददाता, हमीरपुर : राठ तहसील से आए 20 किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने हमीरपुर-राठ-गुरसराय-झांसी राज्य मार्ग-42 के लिए अधिगृहित की गई जमीन का उचित मूल्यांकन न किए जाने का आरोप लगाया है। सभी ने भूमि का सही ढंग से मूल्यांकन करा उचित दर में अधिगृहित जमीन का मुआवजा दिलाने की मांग की है।

किसान शुभम स्वरूप, राजकुमार यादव, अब्दुल रफीक, राम सिंह, ध्रुवराम, मुन्नीलाल अहिरवार, मोहम्मद इलियास, केदार, मीना, प्रभु दयाल, अब्दुल जब्बार समेत 20 किसानों ने जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। बताया कि वह तहसील राठ के मौजा पूरब, उत्तर व दक्षिण की भूमि के स्वामी है। वर्ष 2015-16 में विश्व बैंक से प्रस्तावित उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत हमीरपुर-राठ-गुरसराय-झांसी राज्य मार्ग-42 का निर्माण हो रहा है। जिसके लिए उनकी जमीन अधिगृहित की ली गई है। इन सभी मौजों की जमीन नगर पालिका राठ शहरी क्षेत्र में जिले की सीमा में आती है। आरोप लगाया कि शासन व परियोजना अधिकारियों द्वारा उक्त भूमि स्वामियों को गलत रेट का मुआवजा देने की कोशिश की जा रही है। जबकि भूमि अर्जन और पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम के अंतर्गत उन्हें हक के लिए मुआवजा पाने का पूरा अधिकार है। शासनदेश संख्या का हवाला देते हुए उन्होंने मनमाना रेट तय करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी से भूमि का सही ढंग से नियमानुसार मूल्यांकन कर उचित दर से मुआवजा दिलाने की मांग की है।

Edited By: Jagran